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चारधाम यात्रा 2026: मद्महेश्वर और तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित
केदारनाथ यात्रा की तैयारी तेज। जानें द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट कब खुलेंगे। गौरी माई मंदिर के कपाट भी दर्शनार्थ खुले।
ऊखीमठ: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। बैशाखी के पावन पर्व पर मंगलवार को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथियां घोषित कर दी गईं। 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।
पंचांग गणना के अनुसार, भगवान मद्महेश्वर के कपाट 21 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। वहीं, दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे। तिथि घोषित होने के बाद परंपरा के अनुसार भगवान मद्महेश्वर की भोग मूर्ति को पुष्प रथ पर विराजमान किया गया। मंदिर समिति के अधिकारियों और स्थानीय भक्तों की उपस्थिति में पुष्प रथ ने मंदिर की सात परिक्रमा की।
रुद्रप्रयाग जिले में भी यात्रा की हलचल बढ़ गई है। केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में स्थित मां गौरी माई मंदिर के कपाट मंगलवार को भक्तों के लिए खोल दिए गए। पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गौरा की डोली को गौरीकुंड लाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। स्थानीय हक-हकूकधारियों ने विधि-विधान से कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी की।
ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक मनोज रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और मंदिर समिति के अधिकारी मौजूद रहे। कपाट खुलने की घोषणा के बाद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन अब यात्रा मार्ग पर सुविधाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। उम्मीद है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री बाबा केदार और अन्य धामों के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
