उधमसिंह नगर
जसपुर में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर बवाल: विधायक और पूर्व विधायक भिड़े
ऊधम सिंह नगर के जसपुर में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने पर भारी हंगामा। विधायक आदेश चौहान और पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल के बीच हुई धक्का-मुक्की।
जसपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के जसपुर में एक प्रमुख चौराहे पर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर भारी बवाल हो गया। बुधवार को इस मुद्दे पर वर्तमान कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ठाकुर मंदिर के सामने दोनों नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ चौराहे पर टाइल्स हटवाकर प्रतिमा लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्य का विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और फिलहाल प्रतिमा लगाने का कार्य रुकवा दिया है।
विधायक आदेश चौहान का कहना है कि रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने की मांग ब्राह्मण समाज और स्थानीय महिलाओं द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर प्रतिमा लगाई जा रही है, वहां से अतिक्रमण छह महीने पहले ही हटाया जा चुका है। विधायक ने दावा किया कि प्रतिमा स्थापना के लिए जिलाधिकारी से एक महीने पहले ही अनुमति मिल चुकी है, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर इसमें बाधा डाल रहे हैं।
विधायक चौहान ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ओर महिला सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग केवल पार्किंग की जगह बचाने के लिए एक वीरांगना की प्रतिमा का विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, विपक्षी पक्ष का तर्क है कि प्रतिमा लगाने की प्रक्रिया और स्थान के चयन में नियमों की अनदेखी की जा रही है।
फिलहाल, जसपुर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी गर्माहट पैदा हो गई है और लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
