हल्द्वानी
हल्द्वानी में भक्ति की बयार: 24 अप्रैल से शुरू होगी परम पूज्य व्यास कपिल देव जी की श्रीमद्भागवत कथा
हल्द्वानी की अलकनंदा कॉलोनी में 24 से 30 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन। व्यास कपिल देव जी महाराज बिखेरेंगे ज्ञान की अमृतमयी वाणी। जानें कलश यात्रा और कथा का पूरा समय।
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में अध्यात्म और भक्ति का एक भव्य संगम होने जा रहा है। अलकनंदा कॉलोनी स्थित देवकी निवास (तल्ली हल्द्वानी, बरेली रोड) में आगामी 24 अप्रैल 2026 से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा** का भव्य आयोजन किया जाएगा। कथा का रसास्वादन कराने के लिए परम पूज्य व्यास कपिल देव जी महाराज अपनी अमृतमयी वाणी से भक्तों को निहाल करेंगे।
यह धार्मिक अनुष्ठान 24 अप्रैल (शुक्रवार) से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 (गुरुवार) तक चलेगा। आयोजकों ने बताया कि कथा के प्रथम दिन, 24 अप्रैल को प्रातः 09 बजे एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सभी माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान धारण कर शामिल होंगी। श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 03 बजे से सायंकाल 06 बजे तक किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद सायंकालीन आरती होगी।
कथा के अलावा प्रतिदिन सायंकाल 07 बजे से पुष्पांजलि और भजन संध्या का भी आयोजन होगा, जो प्रभु इच्छा तक चलेगा। सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ का समापन 30 अप्रैल (गुरुवार) को होगा। इस दिन संत पूजन, व्यास पूजन, विप्र पूजन के साथ ही महापूर्णाहुति और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
यह कथा विशेष रूप से श्रीमती देवकी देवी (पत्नी स्व. श्री जोध सिंह, पूर्व प्रधान) के निवास स्थान पर आयोजित की जा रही है। उनके पुत्रों-पुत्रवधुओं (विजय सिंह नेगी-गीतांजलि, गुलाब सिंह नेगी-निर्मला) और दामाद-पुत्री (देवेंद्र सिंह बिष्ट-भगवती बिष्ट) सहित पूरे नेगी और बिष्ट परिवार द्वारा समस्त धर्म प्रेमी जनता से इस पुनीत कार्य में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर पुण्य का भागीदार बनने की अपील की गई है।
हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में व्यास कपिल देव जी महाराज की कथा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भी इस बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अलकनंदा कॉलोनी में कथा स्थल पर भक्तों की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
