हल्द्वानी
हल्द्वानी: गौला नदी में खनन का लक्ष्य बढ़ा, राजस्व और रोजगार में होगा बड़ा इजाफा
शासन ने गौला नदी से खनन का लक्ष्य 43.65 लाख से बढ़ाकर 51.50 लाख घन मीटर किया। 31 मई तक डंपर स्वामियों को मिलेगा अतिरिक्त काम। राजस्व बढ़ने की उम्मीद।
हल्द्वानी। नैनीताल जिले की आर्थिक जीवनरेखा मानी जाने वाली गौला नदी को लेकर शासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने गौला नदी से खनन निकासी के निर्धारित लक्ष्य में साढ़े सात लाख घन मीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले से न केवल स्थानीय डंपर स्वामियों और श्रमिकों को अतिरिक्त काम मिलेगा, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल ने बुधवार को वन विकास निगम को इस संबंध में औपचारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। संशोधित आदेश के अनुसार, गौला नदी में खनन का पुराना लक्ष्य जो 43.65 लाख घन मीटर था, उसे अब बढ़ाकर 51.50 लाख घन मीटर कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि निर्माण कार्यों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह संशोधन बेहद जरूरी था।
भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून के सर्वे के आधार पर पहले कम लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मई के पहले सप्ताह तक निगम ने लगभग 41 लाख घन मीटर खनन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब नए निर्देशों के तहत, वन विकास निगम और खनन कारोबारियों को आगामी 31 मई तक कुल 51.50 लाख घन मीटर का लक्ष्य हासिल करना होगा।
हालांकि, लगातार हो रहे खनन के कारण गौला नदी के स्वरूप में भी बदलाव आया है। नदी के सभी 11 गेटों पर पंजीकृत 7500 से ज्यादा डंपर दिन-रात काम कर रहे हैं, जिससे कई स्थानों पर 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गहरे गड्ढों के कारण डंपर स्वामियों को वाहन चलाने और सामग्री निकालने में काफी तकनीकी चुनौतियों और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, खनन कारोबारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वाहनों की फिटनेस और इंश्योरेंस की फीस पूरे महीने के लिए जमा की गई है, ऐसे में लक्ष्य बढ़ने से उन्हें आर्थिक लाभ होगा। प्रशासन ने वन विकास निगम को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि बढ़े हुए लक्ष्य को समय सीमा के भीतर और नियमों का पालन करते हुए पूरा किया जाए।
