नैनीताल
कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब: रिकॉर्ड 1.19 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा नीब करौरी के दर्शन
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर देश-विदेश से पहुंचे 1,19,228 श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण किया। प्रशासन ने किए कड़े इंतजाम।
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र ‘कैंची धाम’ के 62वें स्थापना दिवस पर सोमवार को आस्था, श्रद्धा और अटूट भक्ति का एक अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। चिलचिलाती धूप और देर शाम हुई झमाझम बारिश के बावजूद बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर था। पुलिस प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देर शाम तक रिकॉर्ड 1,19,228 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर निहाल हुए और पवित्र महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस पावन अवसर पर समूचा भवाली क्षेत्र बाबा नीब करौरी महाराज के गगनभेदी जयकारों और ‘सीताराम’ व ‘जय हनुमान’ के पावन उद्घोष से लगातार गूंजता रहा। सोमवार सुबह करीब पांच बजे बाबा को विशेष महाप्रसाद (मालपुए) का भोग अर्पित करने के बाद आम भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर परिसर में बनाए गए चार अलग-अलग केंद्रों से दिनभर सुचारू रूप से प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे पाने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही करीब एक किलोमीटर लंबी कतारों में मुस्तैद खड़े थे।
इस अलौकिक उत्सव में देश के कोने-कोने (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र) के साथ-साथ अमेरिका और नेपाल जैसे देशों से भी भारी संख्या में विदेशी सैलानी और भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने हल्द्वानी और काठगोदाम से कुल 231 शटल बसें चलाईं, जिनमें रोडवेज की 134 और केमू की 97 बसें शामिल रहीं। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती और डीएम ललित मोहन रयाल सहित तमाम बड़े अधिकारियों ने खुद मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की।
मंदिर के प्रबंधक प्रदीप साह ने बताया कि कैंची धाम में उमड़ा यह जनसैलाब बाबा के प्रति लोगों की अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है। अत्यधिक भीड़ होने के कारण बस स्टेशनों पर यात्रियों के बीच वाहन पाने के लिए थोड़ी अफरा-तफरी और कड़ी मशक्कत भी देखने को मिली। इसके बावजूद, स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह लगाए गए ठंडे शरबत, पेयजल और भंडारों ने पैदल आ रहे यात्रियों के सफर को बेहद सुगम और आनंदमयी बना दिया।
