उत्तराखंड पुलिस
उत्तराखंड एसटीएफ का बड़ा एक्शन: सोशल मीडिया पर देश विरोधी नेटवर्क चलाने वाला सलाउद्दीन गिरफ्तार
उधमसिंह नगर के गदरपुर से अंतरराष्ट्रीय हैंडलर से जुड़े कट्टरपंथी सलाउद्दीन को एसटीएफ ने पिस्टल, डेटोनेटर और एके-47 के कारतूसों के साथ दबोचा।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के सख्त निर्देशों के क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय देश विरोधी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की विशेष टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर उधमसिंह नगर जिले के गदरपुर (मजरासीला) से एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा से जोड़कर राज्य का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहा था।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मो. सलाउद्दीन पुत्र अब्दुल मालिक के रूप में हुई है। एसटीएफ द्वारा आरोपी के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच करने पर इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई राष्ट्रविरोधी समूह, चैट्स और आपत्तिजनक सामग्रियां मिली हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस देश विरोधी नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े हैं। सलाउद्दीन को पाकिस्तान द्वारा मलेशिया में बैठे एक हैंडलर के जरिए संचालित किया जा रहा था, जो भारत में किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम देने की फिराक में था।
सघन पूछताछ के बाद देर रात चलाए गए सर्च ऑपरेशन में एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। पुलिस टीम ने एक इंग्लिश पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस, 4 डेटोनेटर और प्रतिबंधित अत्याधुनिक राइफल **AK-47 के 2 कारतूस** बरामद किए हैं। चैट रिकॉर्ड्स से यह भी साफ हुआ है कि आरोपी हथियारों और विस्फोटकों के सुरक्षित भंडारण तथा उनकी संदिग्ध आवाजाही में संलिप्त था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रामपुर सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
एसएसपी एसटीएफ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय/ट्रांस-बॉर्डर नेटवर्क के दायरे की विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से कई महत्वपूर्ण चैट्स और डिलीट कर दिए थे, जिन्हें रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। वर्तमान में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152, 61(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(C) व 66(F) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। देश की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में सभी केंद्रीय अभिसूचना एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
एसटीएफ उत्तराखंड ने इस कार्रवाई के बाद आम जनता से एक विशेष अपील जारी की है। एसटीएफ ने कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास राष्ट्रविरोधी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की अखंडता, संप्रभुता और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
