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देहरादून

उत्तराखंड पुलिस सख्त: DGP दीपम सेठ ने लापरवाह पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड

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उत्तराखंड DGP दीपम सेठ ने कानून व्यवस्था पर की हाई-लेवल समीक्षा बैठक। ऋषिकेश और देहरादून हत्याकांड में लापरवाही पर चौकी प्रभारी निलंबित। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस।

देहरादून: उत्तराखंड के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ ने पदभार संभालते ही पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। सरदार पटेल भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में DGP ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में प्रदेश के सभी रेंज प्रभारियों और जिला कप्तानों को कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए।
लापरवाही पर एक्शन: तीन दरोगा तत्काल प्रभाव से निलंबित
बैठक के दौरान हालिया आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए DGP ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की। ऋषिकेश में महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में एम्स चौकी प्रभारी साहिल वशिष्ट और देहरादून के खुड़बुड़ा हत्याकांड में लापरवाही के लिए प्रद्युम्न नेगी को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, हरिद्वार के भगवानपुर में हुई हिंसक झड़प के मामले में हल्का प्रभारी सूरत शर्मा को भी निलंबित किया गया है।
लैंड फ्रॉड पर नई गाइडलाइन: CO की जांच होगी अनिवार्य
उत्तराखंड में बढ़ते जमीन संबंधी विवादों और ‘लैंड फ्रॉड’ को रोकने के लिए DGP ने नई व्यवस्था लागू की है। अब भूमि धोखाधड़ी के किसी भी मामले में क्षेत्राधिकारी (CO) स्तर की प्रारंभिक जांच अनिवार्य होगी। जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि मामला दीवानी (Civil) है या आपराधिक (Criminal)। सिविल मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सतर्कता विभाग को निर्देश
माननीय मुख्यमंत्री के ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए DGP ने विजिलेंस विभाग को सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट आचरण करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाए। पुलिस मुख्यालय अब लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के निस्तारण की खुद मॉनिटरिंग करेगा ताकि जनता को समय पर न्याय मिल सके।
बैठक में शामिल रहे दिग्गज अधिकारी
इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में महानिदेशक (अभिसूचना) श्री अभिनव कुमार, एडीजी वी. मुरुगेशन, एपी अंशुमान समेत गढ़वाल और कुमाऊं रेंज के महानिरीक्षक उपस्थित रहे। DGP ने साफ किया कि पुलिस की छवि सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है। विशेषकर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित बीट अधिकारी से लेकर थाना प्रभारी तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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