नई दिल्ली
मुंबई के करोड़पति व्यापारी की सोनीपत के वृद्धाश्रम में मौत, बेटियों ने किया अंतिम संस्कार से इंकार
सोनीपत के वृद्धाश्रम में मुंबई के बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण गुप्ता का निधन। तीन बेटियों ने आने से इंकार कर 5100 रुपये ऑनलाइन भेज दिए। पढ़ें पूरी खबर
हरियाणा। सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। मुंबई के रहने वाले 74 वर्षीय कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का मंगलवार को वृद्धाश्रम में निधन हो गया। वे पिछले तीन सालों से यहां रह रहे थे। दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने भी अंतिम सांस ली थी।
पति के निधन के बाद आश्रम स्टाफ ने उनकी तीन बेटियों को सूचना दी, जो पेशे से शिक्षिका हैं। हालांकि बेटियों का जवाब सुनकर हर कोई हैरान रह गया। तीनों बेटियों ने दूरी और समय की कमी का बहाना बनाते हुए पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सोनीपत नहीं आ सकतीं।
बेटियों ने अंतिम संस्कार के खर्च के लिए ऑनलाइन ₹5100 ट्रांसफर किए और आश्रम प्रबंधन से सोनीपत में ही अंतिम क्रिया करने को कहा। जब पिता को मुखाग्नि देने की बात आई तो बेटियों ने बेरुखी से कहा कि उन्हें यह प्रक्रिया वीडियो कॉल पर ही दिखा दी जाए। बच्चों की इस संवेदनहीनता ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
आश्रम संचालक आनंद कुमार ने दुख जताते हुए बताया कि अपने जीवन में उन्होंने एक पिता के प्रति संतानों का ऐसा कठोर रवैया कभी नहीं देखा। हद तो तब हो गई जब चिता जल रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी कि प्रक्रिया में और कितना समय लगेगा। उसने कहा कि सारा काम अच्छे से हो जाए और वीडियो भेज दी जाए।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बिखरते रिश्तों और बुजुर्गों के प्रति घटती संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जीवन भर मेहनत कर बच्चों को काबिल बनाने वाले पिता को अंतिम समय में अपनी ही संतानों का कंधा तक नसीब नहीं हो सका। स्थानीय लोगों और आश्रम प्रबंधन ने ही भारी मन से उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
