उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बदरी-केदार में आय ₹74 करोड़ पार
मानसून के बावजूद बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर समिति की आय 74.50 करोड़ रुपये से अधिक पहुंची।
देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में मानसून की कठिन चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। 10 अगस्त तक दोनों पवित्र धामों में 30 लाख 62 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड मौजूदगी से स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन को काफी मजबूती मिली है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को इस यात्रा सीजन में अब तक 74 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। रुद्रप्रयाग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराना बीकेटीसी की प्राथमिकता है। प्राप्त कुल आय में से अकेले केदारनाथ धाम से लगभग 37 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहद उत्साहजनक है।
मानसून के दौरान यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। पैदल मार्गों, पेयजल सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और यात्री विश्राम गृहों की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। मंदिर परिसरों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से सतत निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, ऊखीमठ के कोठा भवन और तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। त्रियुगीनारायण मंदिर को प्रसिद्ध वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बीकेटीसी काम कर रही है।
मंदिर समिति ने स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के कल्याण के लिए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ का गठन किया है। वहीं ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाजीगर ढोलवादकों की मांगों का सम्मानपूर्वक समाधान कर उनका आंदोलन समाप्त करा दिया गया है। सावन के महीने में कांवड़ यात्रियों की भारी संख्या के बाद अब पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति मानसून के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों में जुट गई है।
