Report by : CWN Desk
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पिथौरागढ़ के डीडीहाट में फसल को बंदरों से बचाने की चिंता में किसान की नदी में बहने से मौत। जानिए दूनाकोट की इस दर्दनाक घटना की पूरी रिपोर्ट।

पिथौरागढ़। जिले स्थित डीडीहाट तहसील से बेहद दुखद खबर आई है। दूनाकोट क्षेत्र में खड़ी फसल को बंदरों के झुंड से बचाने निकले 42 वर्षीय किसान भगवान सिंह की उफनती नदी में बहने से मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों में इस हादसे को लेकर प्रशासन और तंत्र के खिलाफ भारी आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 7 बजे दूनाकोट में रौतिस गाड़ (पहाड़ी नदी) से लगे खेतों में बंदरों का झुंड घुस आया। नागीधार निवासी भगवान सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह अपनी फसल बचाने के लिए तुरंत घर से निकले। खेतों तक जल्दी पहुंचने के प्रयास में उन्होंने रौतिस गाड़ को पार करने का शॉर्टकट रास्ता चुना। बरसात के कारण नदी का बहाव बेहद तेज था, जिसमें उतरते ही वह संभल नहीं पाए और बह गए।
जब भगवान सिंह सुबह 9 बजे तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। अनहोनी की आशंका जताते हुए उन्होंने पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को सूचित किया। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव टीम लगभग 10 बजे मौके पर पहुंची। सर्च अभियान के दौरान घटनास्थल से 150 मीटर नीचे एक गहरे भंवर से किसान का शव बरामद किया गया। प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दूनाकोट के ग्रामीणों का कहना है कि पूरे जिले में बंदरों के आतंक से खेती पूरी तरह तबाह हो रही है। किसान लंबे समय से बंदरों से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस उपाय नहीं किया गया। यदि बंदरों की समस्या का हल निकाला गया होता, तो किसान को जल्दबाजी में जोखिम भरा रास्ता नहीं चुनना पड़ता। डीडीहाट की एसडीएम खुशबू पांडेय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में आगे की जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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