हल्द्वानी
उत्तराखंड में तीसरे विकल्प की गूंज: 1 नवंबर को देहरादून में विशाल जनसभा
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ तीसरे राजनीतिक विकल्प की तैयारी। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज का बड़ा बयान, 1 नवंबर को देहरादून में रैली।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए बदलाव की आहट देखने को मिल रही है। प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के विरोध में सोमवार (6 अक्टूबर) को देहरादून स्थित बालाजी वाटिका हॉल में एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से पूर्व न्याय के देवता गोलू देवता का आशीर्वाद लिया गया और इसके बाद राज्य के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप महाराज ने सत्तारूढ़ दल और मुख्य विपक्षी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही राष्ट्रीय दलों ने उत्तराखंड की भोली-भाली जनता को छलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है, जिससे आम जनता त्रस्त है और अब राज्य में एक मजबूत तीसरे राजनीतिक विकल्प की मांग जोर पकड़ रही है।
स्वामी आनंद स्वरूप ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि समाज को जातियों में बांटने के बजाय समानता का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे गरीबी के आधार पर आरक्षण के पक्षधर हैं और सभी वर्गों को एक साथ लेकर आगे बढ़ने का काम करेंगे। उनका मानना है कि उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए एक ऐसे राजनीतिक मंच की आवश्यकता है जो केवल प्रदेश के स्थानीय हितों और अधिकारों की बात करे।
इस अवसर पर राज्य में एक नए राजनीतिक मंच के औपचारिक शंखनाद की तारीख का भी ऐलान किया गया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 1 नवंबर को राजधानी देहरादून में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसके जरिए उत्तराखंड में तीसरे विकल्प की नींव रखी जाएगी। कार्यक्रम में भुवन भट्ट, विशाल शर्मा और तेज सिंह कार्की समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग व कार्यकर्ता मौजूद रहे।




