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शिक्षा जगत में बड़ी क्रांति: 25 साल बाद ‘दीवार पत्रिका’ बनी पढ़ाई का हिस्सा, संदर्शिका जारी

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पिथौरागढ़ के डायट डीडीहाट में ‘दीवार पत्रिका: एक प्रक्रिया’ शिक्षक संदर्शिका का विमोचन हुआ। जानें कैसे 25 साल पुराने इस नवाचार को अब औपचारिक शिक्षा का आधार मिला है।

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के शिक्षा जगत के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। जिस ‘दीवार पत्रिका’ नवाचार को 25 वर्ष पहले एक अभियान के रूप में शुरू किया गया था, उसे अब शिक्षाशास्त्रीय आधार पर औपचारिक पहचान मिल गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) डीडीहाट की पहल पर तैयार की गई शिक्षक संदर्शिका “दीवार पत्रिका: एक प्रक्रिया” का शुक्रवार को भव्य विमोचन किया गया।
शिक्षक संदर्शिका का विमोचन और महत्व
राज्य स्तरीय सामाजिक विज्ञान महोत्सव के दौरान कुमाऊं मंडल के अपर शिक्षा निदेशक श्री शिव प्रसाद सेमवाल ने इस संदर्शिका का अनावरण किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह संदर्शिका शिक्षकों के लिए एक सशक्त माध्यम बनेगी। इसकी सहायता से शिक्षक विभिन्न विषयों के ज्ञान निर्माण में दीवार पत्रिका का उपयोग एक प्रभावी टूल के रूप में कर पाएंगे। उन्होंने शिक्षा नवाचार से जुड़े शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए इसे स्कूली पाठ्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और कौशल विकास
एस.सी.ई.आर.टी. (SCERT) उत्तराखंड के सहायक शिक्षा निदेशक के.एन. बिजलवाण ने कहा कि यह नवाचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करता है। दीवार पत्रिका बच्चों में आलोचनात्मक चिंतन, अभिव्यक्ति की आजादी, रचनात्मकता और सामूहिकता जैसे चार प्रमुख कौशलों को विकसित करती है। आगामी वर्षों में होने वाले राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी इस संदर्शिका को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि हर स्कूल इसका लाभ उठा सके।
छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में भूमिका
डायट डीडीहाट के प्राचार्य भाष्करानंद पाण्डेय ने दीवार पत्रिका को देश का सर्वश्रेष्ठ नवाचार करार दिया। इस प्रक्रिया में छात्र स्वयं अपनी रचनाओं का संपादन और प्रबंधन करते हैं। इससे बच्चों में कल्पनाशीलता के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुणों का विकास होता है। इस अवसर पर राजेश कुमार पाठक, महेश चंद्र पुनेठा और चिंतामणि जोशी समेत कई विशेषज्ञों ने संदर्शिका के निर्माण पर अपने विचार रखे। शिक्षा के आधुनिक मानकों की अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट देख सकते हैं। Ministry of Education Official Website
समापन और प्रदर्शनी
समारोह में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से आए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। महोत्सव के दौरान एक विशेष दीवार पत्रिका प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें बच्चों की रचनात्मकता देखते ही बनती थी। कार्यक्रम का सफल संचालन पी.सी. तिवारी ने किया। यह नवाचार अब प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में बच्चों की प्रतिभा को नया मंच प्रदान करेगा।

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