हल्द्वानी
अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को सर्वार्थसिद्धि योग में बरसेगी कृपा, जानें शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन गजकेसरी और मालव्य जैसे दुर्लभ योग बन रहे हैं। जानें खरीदारी का सटीक समय, शुभ रंग और दान का महत्व।
हल्द्वानी। सनातन धर्म में सभी तिथियों में सर्वोत्तम मानी जाने वाली ‘अक्षय तृतीया’ इस वर्ष 19 अप्रैल, 2026 को मनाई जाएगी। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा अद्भुत मिलन हो रहा है जो इसे बेहद खास बनाता है। इस पावन अवसर पर भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी, जिससे इस दिन का आध्यात्मिक महत्व दोगुना हो गया है।
ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार, अक्षय तृतीया का प्रारंभ रविवार सुबह 10:49 बजे से होगा और यह 20 अप्रैल सुबह 7:28 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा दोपहर 12:31 बजे तक मेष राशि में और उसके बाद वृष राशि में संचरण करेंगे। मांगलिक कार्यों के लिए इस दिन को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
इस बार अक्षय तृतीया पर त्रिपुष्कर, गजकेसरी, शश और मालव्य योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:07 बजे तक और शाम को 5:41 बजे से रात 7:14 बजे तक रहेगा। इस दिन सोना, चांदी, मिट्टी का घड़ा, हल्दी की गांठें और पीली सरसों खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन घर की सफाई कर मुख्य द्वार पर वंदनवार और रंगोली सजानी चाहिए। महालक्ष्मी और भगवान विष्णु की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन किया गया दान कभी समाप्त नहीं होता और अक्षय पुण्य प्रदान करता है। लोग इस दिन सत्तू, जल से भरे पात्र और मौसमी फलों का दान प्रमुखता से करते हैं।
राशियों के अनुसार रंगों का चयन भी शुभ फलदायी रहेगा। मेष के लिए लाल, वृष के लिए सफेद, मिथुन के लिए हरा और कर्क के लिए सिल्वर रंग उत्तम है। इसी प्रकार सिंह के लिए महरून, कन्या के लिए हरा, तुला के लिए सफेद और वृश्चिक के लिए चॉकलेटी रंग शुभ है। धनु के लिए पीला, मकर-कुंभ के लिए नीला/काला और मीन राशि के लिए पीला व सफेद रंग भाग्यवर्धक साबित होगा।
