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स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर फूटा गुस्सा! चौखुटिया में 5000 से अधिक लोगों की ऐतिहासिक महारैली

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उत्तराखंड के चौखुटिया में ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ के 51वें दिन 95 ग्राम पंचायतों के लोगों ने बदहाल सीएचसी के खिलाफ विशाल महारैली निकाली। विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग पर हजारों लोग सड़कों पर उतरे। पूरी खबर पढ़ें।

चौखुटिया। उत्तराखंड के चौखुटिया में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ आंदोलन के 51वें दिन शुक्रवार को जनता का गुस्सा सड़कों पर सैलाब बनकर उमड़ पड़ा। ब्लॉक की 95 ग्राम पंचायतों की महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर एक अभूतपूर्व महारैली निकाली। यह क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी रैली बताई जा रही है, जिसमें अनुमान के मुताबिक पांच हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।
शुक्रवार सुबह राम गंगा आरती घाट पर भारी भीड़ जमा हुई। आंदोलन संयोजक भुवन कठायत ने लोगों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जुलूस निकालने की अपील की। इसके बाद, ढोल-दमाऊं के साथ यह विशाल जुलूस चांदीखेत, गंनाई से होते हुए दो किलोमीटर की यात्रा तय कर चौखुटिया बाजार पहुँचा। इस महारैली में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही, जो स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली का दर्द बयां कर रही थी। लोगों ने “अबकी बार अस्पताल सुधार, स्वास्थ्य सुविधा लेके रहेंगे” जैसे नारों के साथ अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती मुख्य मांग
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करना है। रैली में पहुंची महिलाओं ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधा की सबसे बड़ी परेशानी उन्हें ही झेलनी पड़ती है। जिपं सदस्य सरस्वती किरौला, कांता रावत और मीना कांडपाल ने भी इस बात को दोहराया। आक्रोशित युवा और बुजुर्ग, पसीने से तरबतर होकर अपने अधिकार की मांग कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधा की बदहाली के लिए सीधे व्यवस्था को ललकारा।
आंदोलन संयोजक भुवन कठायत ने रैली के सफलतापूर्वक समापन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सीएचसी को मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएँ नहीं मिलती हैं तो यह अंतिम रैली नहीं है, और वे आगे भी जुलूस व रैलियाँ निकालते रहेंगे। उन्होंने आंदोलन को तोड़ने की कोशिश करने वालों पर भी संयमित जनता द्वारा पानी फेरने की बात कही। रैली में चौखुटिया के साथ-साथ चमोली नगर में रह रहे अनेक प्रवासियों की उपस्थिति भी रही, जो अपने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे थे।

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