Connect with us

देहरादून

आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: हरिद्वार-रुड़की के दो निजी अस्पतालों की संबद्धता निलंबित

Published

on

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। आयुष्मान भारत योजना के तहत हरिद्वार और रुड़की के दो निजी अस्पतालों—क्वाड्रा हॉस्पिटल रुड़की और मेट्रो हॉस्पिटल हरिद्वार—पर गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) ने इनकी संबद्धता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। दोनों को पांच दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान योजना के अंतर्गत नए मरीजों की भर्ती पर रोक रहेगी, हालांकि पहले से भर्ती मरीजों का इलाज चलता रहेगा।

क्वाड्रा हॉस्पिटल की रिपोर्ट चौंकाने वाली
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य चिकित्सा के 1800 दावों में से 1619 मरीजों को आईसीयू में भर्ती दिखाया गया। यही नहीं, मरीजों को 3-6 दिन तक आईसीयू में और फिर छुट्टी से पहले सामान्य वार्ड में रखा गया, ताकि आईसीयू पैकेज का भुगतान लिया जा सके। उल्टी, यूटीआई जैसी सामान्य बीमारियों को भी गंभीर बताकर भर्ती दिखाया गया। दस्तावेजों की भाषा व हस्तलिपि एक जैसी मिली, जो सुनियोजित फर्जीवाड़े का संकेत देती है। मरीजों की तस्वीरों में मॉनिटर बंद और आईवी लाइन नदारद पाई गई। एक जैसे मोबाइल नंबर और फर्जी पते भी उजागर हुए।

यह भी पढ़ें 👉  चमोली के थराली में निर्माणाधीन पुल गिरने के मामले में लोनिवि के तीन इंजीनियर सस्पेंड

मेट्रो हॉस्पिटल में भी यही पैटर्न
मेट्रो हॉस्पिटल हरिद्वार में लगभग हर मरीज को 3 से 18 दिन तक आईसीयू में भर्ती दिखाया गया। discharge से पहले उन्हें सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। कई दस्तावेज अपठनीय और अधूरे मिले। मरीजों की तस्वीरें, आईसीयू चार्ट आदि भी उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच में साफ हुआ कि सामान्य बीमारियों के मरीजों को भी जानबूझकर गंभीर बताकर आईसीयू में रखा गया।राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आगे सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement