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नैनीताल फ्लैट्स मैदान में होगी बकरीद की नमाज, हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन का फैसला पलटा

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उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नैनीताल के डीएसए फ्लैट्स मैदान में बकरीद की सामूहिक नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी है। अंजुमन ए इस्लामिया की याचिका पर आया बड़ा फैसला।

नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने बकरीद के पवित्र त्योहार से ठीक पहले एक बड़ा और संवेदनशील फैसला सुनाया है। अदालत ने नैनीताल के प्रसिद्ध डीएसए (DSA) फ्लैट्स मैदान में मुस्लिम समुदाय को सामूहिक रूप से बकरीद की नमाज अदा करने की सशर्त अनुमति दे दी है। यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने अंजुमन ए इस्लामिया संस्था द्वारा दायर की गई विशेष याचिका पर गहन सुनवाई के बाद जारी किया। हाई कोर्ट के इस फैसले से पिछले कई दिनों से नमाज स्थल को लेकर बना हुआ असमंजस अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब स्थानीय जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए एक नया दिशा-निर्देश जारी किया था। प्रशासन ने आदेश दिया था कि इस बार ईद के मौके पर खेल मैदान में सार्वजनिक रूप से सामूहिक नमाज का आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपनी मस्जिदों, घरों और निजी प्रतिष्ठानों के भीतर ही नमाज पढ़ने की अपील की थी। प्रशासन के इस अचानक लिए गए फैसले के खिलाफ अंजुमन ए इस्लामिया ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट में याचिका दायर होने से पहले मल्लीताल कोतवाली में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई थी। इस बैठक में मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों से हर वर्ष की तरह इस बार भी पारंपरिक रूप से मैदान में नमाज की व्यवस्था करने की मांग की थी। उस समय उपजिलाधिकारी (SDM) ने विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लेने की बात कही थी, जिससे बात और उलझ गई थी।
इस बीच डीएसए के महासचिव की तरफ से भी विरोधाभासी कदम उठाए गए, जिससे विवाद और गहरा गया था। खेल संघ ने पहले तो नमाज के आयोजन के लिए अनुमति पत्र जारी कर दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद दूसरा आदेश निकालकर उसे निरस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूरा मामला जिला प्रशासन के पाले में डाल दिया था। अब हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुरानी परंपरा को बनाए रखने और मैदान में नमाज आयोजित करने का साफ रास्ता साफ कर दिया है।

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