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देहरादून

मुरादाबाद: मिड डे मील पर बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही, 1 अप्रैल से संकट में योजना

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मुरादाबाद में 1 अप्रैल से शुरू होने वाले मिड डे मील पर संकट के बादल। जिलाधिकारी के आदेश के 3 महीने बाद भी स्कूलों में न राशन पहुंचा न पैसा।

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील (MDM) को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 1 अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र और भोजन की व्यवस्था शुरू होनी है, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई तैयारी नहीं दिख रही है। हालत यह है कि जिलाधिकारी के सख्त आदेशों के तीन महीने बीत जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) स्तर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी है।

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गौरतलब है कि 26 दिसंबर को हुई बैठक में जिलाधिकारी ने मिड डे मील को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद, विभाग अब तक केवल कागजी खानापूर्ति और ‘लेटर-लेटर’ खेलने में व्यस्त है। स्कूलों में न तो राशन पहुंचा है, न गैस सिलेंडरों की व्यवस्था हुई है और न ही कन्वर्जन कॉस्ट का पैसा। कल अवकाश होने के कारण अब 1 अप्रैल को बच्चों के निवाले पर संकट खड़ा होना तय माना जा रहा है।


इस पूरे प्रकरण में बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही नजर आ रही है। एनजीओ पुरानी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार जुगाड़ में लगे हैं। विभाग की इस सुस्ती से जिलाधिकारी की बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देने की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

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तीन महीने का लंबा समय मिलने के बाद भी व्यवस्था न कर पाना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि 1 अप्रैल को स्कूलों में चूल्हा नहीं जला, तो इसके लिए सीधे तौर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। अभिभावकों और जागरूक नागरिकों ने शासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर मुरादाबाद मिड डे मील व्यवस्था को सुचारू बनाने की मांग की है।

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