नई दिल्ली
बजट 2026: इलेक्ट्रिक कारें और स्कूटर होंगे सस्ते, EV बैटरी पर मिली बड़ी छूट
बजट 2026 में वित्त मंत्री ने EV बैटरी निर्माण पर कस्टम ड्यूटी घटाने का एलान किया है। जानें कैसे लिथियम-आयन सेल सस्ते होने से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में आएगी कमी।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ऑटो सेक्टर, खासकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग को बड़ी राहत दी है। सरकार ने लिथियम-आयन सेल (Lithium-ion Cell) बनाने में इस्तेमाल होने वाले मशीनों और पूंजीगत सामान पर कस्टम ड्यूटी में छूट का विस्तार किया है। इस कदम से भारत में बैटरी उत्पादन की लागत में भारी कमी आने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने अपने नौवें बजट भाषण में प्रस्ताव रखा कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए आवश्यक लिथियम-आयन सेल बनाने वाले सामान पर भी वही रियायतें मिलेंगी जो पहले से मिलती आ रही हैं। इसके अतिरिक्त, सोलर ग्लास बनाने में काम आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी मूल सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) हटाने का निर्णय लिया गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर क्या होगा असर?
वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत का लगभग 40-50% हिस्सा केवल बैटरी का होता है। बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी छूट मिलने से स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। जब बैटरियों की लागत घटेगी, तो इसका सीधा लाभ ग्राहकों को मिलेगा और इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया वाहनों व बसों की कीमतें कम होंगी।
सरकार के इस फैसले से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर सर्विस सपोर्ट और बैटरियों पर लंबी वारंटी भी मिल सकेगी। मध्यम वर्ग के लिए, जो एक किफायती इलेक्ट्रिक कार का सपना देख रहे हैं, यह घोषणा किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। स्थानीय स्तर पर सेल निर्माण से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी नई गति मिलेगी।
