Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ कॉलेज में करियर गाइडेंस कार्यशाला: युवाओं के लिए शारीरिक शिक्षा में नए अवसर

Published

on

खबर शेयर करें 👉

पिथौरागढ़ के संत नारायण स्वामी कॉलेज में करियर गाइडेंस समिति ने छात्रों को शारीरिक शिक्षा में रोजगार के विविध विकल्प बताए। साथ ही, जनजातीय गौरव दिवस भी उत्साह से मनाया गया। जानें मुख्य बातें।

पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ स्थित संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातक महाविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण करियर गाइडेंस कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या, प्रो. प्रेमलता कुमारी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करना और समय पर सही मार्गदर्शन प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यशाला छात्रों को उनके करियर के प्रति सजग बनाने की पहल थी।


शारीरिक शिक्षा में व्यापक रोजगार के अवसर
कार्यशाला के मुख्य वक्ता, विभागाध्यक्ष मुकेश पांडे ने शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध विविध करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करता है। शारीरिक शिक्षा के छात्रों के लिए शिक्षक, जिम ट्रेनर, स्पोर्ट्स इवेंट मैनेजर, योग प्रशिक्षक, और सेना/अर्धसैनिक बल जैसे क्षेत्रों में व्यापक अवसर मौजूद हैं।
सकारात्मक सोच और कौशल का महत्व
कार्यशाला के संयोजक डॉ. नरेंद्र सिंह धरियाल ने युवा शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं की शिक्षा और कौशल पर निर्भर करता है। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक सोच रखने और करियर के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी। इन मार्गदर्शन सत्रों का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा (जैसे स्पोर्ट्स साइंस, बायोमैकेनिक्स में शोध) और रोजगार के नए रास्ते दिखाना था, ताकि वे बदलते परिवेश में खुद को तैयार कर सकें।
जनजातीय गौरव दिवस का भावुक उत्सव
इसी दिन, महाविद्यालय परिसर में जनजातीय गौरव दिवस भी अत्यंत उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। प्राचार्य प्रो. प्रेमलता कुमारी ने जनजातीय समाज को हमारी सांस्कृतिक जड़ों का संरक्षक बताया। संयोजक डॉ. नरेंद्र सिंह धारियाल ने जनजातीय महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय समाज के साहस, सादगी और संस्कृति से आज की युवा पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है।
संकल्प और आगे की राह
पूरे कार्यक्रम का माहौल प्रेरणा और भावुकता से भरा रहा। छात्र-छात्राओं ने भी अपने वक्तव्यों से पूर्वजों के संघर्ष और परंपराओं के संरक्षण की अपील की। अंत में, सभी ने यह संकल्प लिया कि जनजातीय गौरव की इस अनमोल धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँचाया जाएगा। इन आयोजनों ने सिद्ध किया कि करियर मार्गदर्शन और सांस्कृतिक चेतना दोनों ही छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement