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हरिद्वार

रुड़की: मनरेगा पोर्टल पर फर्जी फोटो अपलोड कर हाजिरी लगाने का मामला, 14 ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई, 11 रोजगार सेवकों की मानदेय वृद्धि पर रोक

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रुड़की। मनरेगा योजना में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फर्जी फोटो अपलोड कर किए जा रहे फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को जांच अधिकारी एवं हरिद्वार की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आकांक्षा कोंडे ने 14 ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने, 11 रोजगार सेवकों की मानदेय वृद्धि पर रोक लगाने और उप कार्यक्रम अधिकारी पर आर्थिक दंड लगाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही संबंधित कार्यक्रम अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को अंतिम चेतावनी दी गई है। वहीं, ग्राम प्रधानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

इस कार्रवाई की पुष्टि सीडीओ आकांक्षा कोंडे ने स्वयं की है। यह मामला तब उजागर हुआ जब 9 मई को प्रमुख हिंदी समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान’ ने “गर्म कपड़ों वाली फोटो खोल रही मनरेगा की पोल” शीर्षक से खबर प्रकाशित की। रिपोर्ट में बताया गया था कि मनरेगा पोर्टल पर गर्म कपड़ों में श्रमिकों की फोटो अपलोड की जा रही हैं, जबकि कार्यकाल गर्मी के मौसम का था। इससे संदेह हुआ कि ये फोटो पुराने या झूठे हैं।

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इस खुलासे के बाद ग्राम्य विकास विभाग के सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार सीडीओ को जांच सौंपी। सीडीओ ने तत्कालीन सभी खंड विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा, जिन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों के जवाब के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सीडीओ को सौंपी। जांच में पुष्टि हुई कि श्रमिकों की फर्जी फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज की गई थी और बड़ी संख्या में मजदूरी की फर्जी एंट्री की गई थी।

सीडीओ ने बताया कि इस मामले में पहले ही 100 से अधिक मेटों को काम से हटा दिया गया था। अब, दोषी पाए गए ग्राम विकास अधिकारियों और रोजगार सेवकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। साथ ही बीडीओ और कार्यक्रम अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी कर दी गई है कि भविष्य में यदि इस प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम प्रधानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया है। यदि उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार से सरकार की योजनाओं की साख पर असर पड़ता है। प्रशासन का यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के इस बड़े माध्यम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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