Report by : CWN Desk
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ऋषिकेश में उपराष्ट्रपति के साथ AI निर्मित फर्जी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में स्वामी रसिक महाराज पर केस दर्ज। जानें क्या है पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई।

ऋषिकेश। सोशल मीडिया पर फर्जीवाड़ा करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सनातन धर्म विकास परिषद (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष स्वामी रसिक महाराज के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी अपनी फर्जी तस्वीरें इंटरनेट पर साझा की थीं। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
पूरा मामला 23 अप्रैल को एम्स ऋषिकेश में आयोजित दीक्षांत समारोह से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, स्वामी रसिक महाराज उस समारोह में उपस्थित नहीं थे। इसके बावजूद, उन्होंने तकनीक का सहारा लेकर अपनी उपस्थिति दर्शाने वाली तस्वीरें बनाईं। एम्स चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार की तहरीर पर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस का आरोप है कि रसिक महाराज ने खुद को रसूखदार दिखाने के लिए यह कदम उठाया। फर्जी तस्वीरों के जरिए आम जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया गया था। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पुष्टि की है कि जांच में फोटो के साथ छेड़छाड़ पाई गई है। एआई के जरिए उपराष्ट्रपति के बगल में स्वामी की मौजूदगी को फर्जी तरीके से जोड़ा गया था।
दूसरी ओर, स्वामी रसिक महाराज ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में पलटवार करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल, पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने और मामले की तह तक जाने में जुटी है।
तकनीक का ऐसा दुरुपयोग समाज और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऋषिकेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जाँच लें। इस मामले ने एक बार फिर एआई के नैतिक उपयोग पर बहस छेड़ दी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

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