उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा 2026 शुरू: गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुले, सीएम धामी ने की पहली पूजा
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज! अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की मां गंगा की पूजा, जानें पहले दिन की पूरी रिपोर्ट।
देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भव्य आगाज हो गया है। उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। गंगोत्री धाम के द्वार पूर्वाह्न 12:15 बजे खुले, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:35 बजे खोले गए। इस पावन घड़ी के गवाह बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु धामों में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा संपन्न की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष **चारधाम यात्रा** के लिए सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि हर तीर्थयात्री की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना हमारी प्राथमिकता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यमुनोत्री धाम में भक्ति का अद्भुत माहौल देखा गया। मां यमुना की डोली खरसाली से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई, जिसकी अगुवाई शनिदेव की डोली ने की। आईटीबीपी के बैंड की धुन और स्थानीय वाद्य यंत्रों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आंकड़ों के अनुसार, पहले ही दिन करीब 9800 श्रद्धालुओं ने दोनों धामों में मत्था टेका और मां गंगा-यमुना का आशीर्वाद लिया।
वहीं, बाबा केदारनाथ के भक्तों के लिए भी अच्छी खबर है कि भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर चुकी है। जयकारों के बीच बाबा की डोली अपने पहले पड़ाव फाटा पहुंच गई है, जिससे केदार घाटी में उत्सव का माहौल है। प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा है। **चारधाम यात्रा** को लेकर इस बार तीर्थयात्रियों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है।
