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उत्तराखण्ड

चारधाम यात्रा: 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच

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श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर

चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में 47 विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। डीजी स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा ने शनिवार को इसके आदेश जारी किए।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और रोटेशन ड्यूटी

चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाए रखने के लिए 19 फिजिशियन, 23 हड्डी रोग विशेषज्ञ और 5 श्वास रोग विशेषज्ञ को तैनात किया गया है। ये सभी डॉक्टर रोटेशन के आधार पर ड्यूटी करेंगे और यात्रा के दौरान किसी भी चिकित्सक को अवकाश नहीं दिया जाएगा। इन डॉक्टरों को हाई एल्टीट्यूड यानी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रियों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच

सरकार ने 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के श्रद्धालुओं की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच करने का निर्णय लिया है। इसके लिए चारधाम यात्रा मार्ग पर 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर यात्रियों को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच और उपचार की सुविधा दी जाएगी।

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यात्रा मार्ग पर प्रमुख पड़ावों पर स्वास्थ्य सुविधाएं

सरकार की कोशिश है कि श्रद्धालुओं की जांच हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग जैसे मुख्य पड़ावों पर ही पूरी कर ली जाए, ताकि उच्च क्षेत्रों में पहुंचने से पहले यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सके। इससे यात्रा के दौरान होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं से बचा जा सकेगा।

केदारनाथ और बदरीनाथ में दो नए अस्पताल

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि इस साल केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दो नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। केदारनाथ में 17 बेड और बदरीनाथ में 45 बेड के अस्पताल बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, चारधाम यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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एम्बुलेंस सेवाएं भी रहेंगी तैनात

यात्रा मार्ग पर कुल 154 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी, जिनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं। इससे गंभीर स्थिति में यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।

पांच लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन अब तक

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए अब तक पंजीकरण का आंकड़ा पांच लाख को पार कर गया है। पर्यटन विकास परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री के लिए 93,803, गंगोत्री के लिए 96,445, केदारनाथ के लिए 1,66,576 और बदरीनाथ धाम के लिए 1,55,046 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। हेमकुंड साहिब के लिए 5,151 यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

स्वास्थ्य विभाग की इस व्यापक तैयारी से इस वर्ष की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।

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