उधमसिंह नगर
किच्छा में बाल विवाह की कोशिश नाकाम: रामपुर से आई बारात बैरंग लौटी, नाबालिग की शादी रुकी
किच्छा में 17 वर्षीय नाबालिग की शादी होने से पहले ही प्रशासन ने कार्रवाई की। आधार कार्ड जांच में कम उम्र की पुष्टि होने पर रामपुर से आई बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा।
ऊधमसिंह नगर। जिले के किच्छा क्षेत्र में बाल विवाह का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का विवाह 30 वर्षीय युवक से कराया जा रहा था। शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं कि तभी ‘इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट’ की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस अवैध विवाह को रुकवा दिया। दूल्हा रामपुर से बारात लेकर धूमधाम से पहुंचा था, लेकिन उसे बिना दुल्हन के ही बैरंग लौटना पड़ा।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार के अनुसार, उन्हें एक सप्ताह पहले सूचना मिली थी कि किच्छा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति अपनी दो बेटियों की शादी कर रहा है। सूचना में छोटी बेटी के नाबालिग होने का अंदेशा जताया गया था। इसके बाद बाल विवाह रोकथाम टीम ने गांव पहुंचकर परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से समझाया था। टीम ने पूर्व में ही बालिका की माता से इस बात का वचन पत्र लिया था कि शादी उम्र पूरी होने पर ही की जाएगी।
हालांकि, कानूनी चेतावनी के बावजूद 28 अप्रैल को गुपचुप तरीके से शादी की तैयारियां फिर शुरू कर दी गईं। जब संस्था को सूचना मिली कि रामपुर से बारात पहुंच चुकी है, तो टीम तुरंत हरकत में आई। मौके पर पहुंचकर जब बालिका के **आधार कार्ड** की जांच की गई, तो उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई। उम्र का प्रमाण सामने आते ही विवाह की तमाम तैयारियां तुरंत रोक दी गईं और परिजनों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
डॉ. अमित कुमार ने बताया कि बालिका की उम्र अभी 18 वर्ष पूर्ण होने में शेष है। टीम ने मौके पर मौजूद दूल्हे और उसके परिवार को भी कानून की जानकारी दी, जिसके बाद बारात को वापस जाना पड़ा। प्रशासन की इस सतर्कता से एक नाबालिग बालिका का भविष्य खराब होने से बच गया। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि दोबारा ऐसी कोशिश की गई, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो तुरंत पुलिस या संबंधित बाल विकास विभाग को सूचित करें। क्षेत्र में इस कार्रवाई की काफी चर्चा हो रही है और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
