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उत्तराखण्ड

महीने में एक दिन बिना बस्ते स्कूल जाएंगे बच्चे

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परीक्षाफल सुधार के लिए प्री-परीक्षा कराने पर विचार
देहरादून। राज्य में बच्चों का परीक्षाफल 82 प्रतिशत स्व बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने के लिए अब इस बार प्री-परीक्षा कराने पर विचार किया जा रहा। बच्चों के बस्ते का बोझ करने के लिए एक माह में एक दिन बच्चे बिना बस्ते के स्कूल जाएंगे।
रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते।शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि दो विषयों में अनुत्तीर्ण रहने वाले विद्यार्थियों को अंक सुधार परीक्षा का अवसर देने का निर्णय लिया गया है। कहा कि बच्चों पर बस्तों का बोझ कम करने के लिए गंभीरता से कदम उठाए जा रहे हैं। बच्चों के बस्ते स्कूलों में ही रखने की व्यवस्था हो, इस पर भी विचार चल रहा है। माह में एक दिन बच्चे बिना बस्ते के स्कूल जाएंगे। बच्चों के बस्ते का बोझ 50 प्रतिशत कम करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है। नई शिक्षा नीति के तहत वैसे भी अब साल में छह-छह माह के दो सेमेस्टर हो गए हैं। ऐसे में बच्चों को प्रति सेमेस्टर के हिसाब से किताबें दी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर जल्द ही राज्य में संचालित सभी शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर विमर्श कर उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।

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