हल्द्वानी
रुद्रपुर और हल्द्वानी में छात्रसंघ चुनाव के दौरान बवाल, फायरिंग और शक्ति प्रदर्शन से शहर जाम
रुद्रपुर। छात्रसंघ चुनाव को लेकर उत्तराखंड में तनाव और बवाल बढ़ता जा रहा है। बुधवार को रुद्रपुर स्थित एसबीएस कॉलेज और हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में नामांकन और शक्ति प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई। रुद्रपुर में जहां दो छात्र नेता समर्थक आपस में भिड़ गए और फायरिंग तक हो गई, वहीं हल्द्वानी में छात्र नेताओं के शक्ति प्रदर्शन से पूरा शहर जाम में फंस गया।
रुद्रपुर: नामांकन के बाद फायरिंग, डंडे और लात-घूंसे चले
एसबीएस कॉलेज रुद्रपुर में बुधवार दोपहर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नागेंद्र गंगवार और रजत सिंह बिष्ट के नामांकन के बाद उनके समर्थक आमने-सामने आ गए। हाईवे पर दोनों गुटों में पहले हूटिंग और नारेबाजी हुई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई। लात-घूंसे और डंडे चले। एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
हंगामे के दौरान एक पक्ष के समर्थक ने दो राउंड फायरिंग की, जबकि दूसरे पक्ष ने तमंचा लहराया। स्थिति बिगड़ते ही सीपीयू और पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को तितर-बितर किया। हालांकि, किसी भी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
हल्द्वानी: शक्ति प्रदर्शन से शहर जाम, पुलिस से नोकझोंक
उधर हल्द्वानी में बुधवार को एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों ने शक्ति प्रदर्शन किया। सुबह 10:30 बजे से नैनीताल रोड पर छह प्रत्याशियों—एबीवीपी और निर्दलीय समेत—ने जुलूस निकाला। हजारों की भीड़ सड़कों पर उमड़ पड़ी।
जुलूस और रैलियों के चलते पूरे शहर का यातायात चरमरा गया। नैनीताल रोड, गली और हाईवे तक जाम हो गया। लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। खास बात यह रही कि संभावित रैली की जानकारी होने के बावजूद पुलिस ने यातायात डायवर्जन प्लान जारी नहीं किया, जिसके कारण अव्यवस्था और बढ़ गई।
शक्ति प्रदर्शन के दौरान कई बार छात्र नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। सात से आठ बार टकराव की स्थिति बनी। पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने में पसीना-पसीना हो गए। अंततः बमुश्किल स्थिति को संभाला जा सका।
छात्रसंघ चुनावों के दौरान बढ़ते तनाव और हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और पुख्ता व्यवस्था की मांग की है।
