देहरादून
चारधाम यात्रा पर सीएम धामी का बड़ा फैसला, रात में वाहनों पर रोक और नई SOP लागू
Char Dham Yatra 2026 के दूसरे चरण और मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़े निर्देश दिए हैं। अब रात 10 से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
देहरादून: उत्तराखंड में चल रही प्रसिद्ध Char Dham Yatra 2026 अब अपने दूसरे और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। आगामी मानसून सीजन और पहाड़ी मार्गों पर मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस वर्ष की यात्रा का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
भीड़ को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने यातायात नियमों को और सख्त कर दिया है। नए आदेश के तहत अब चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों और ट्रकों को केवल रात के समय ही चलने की अनुमति दी जाएगी, ताकि दिन में आम श्रद्धालुओं को जाम से मुक्ति मिल सके। चारों धामों में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन अब एक वैज्ञानिक और चरणबद्ध भीड़ प्रबंधन प्रणाली (SOP) के तहत ही यात्रियों को आगे भेजेगा। यदि किसी भी धाम या पड़ाव पर तय क्षमता से अधिक भीड़ होती है, तो यात्रियों को नीचे बने होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा। इन होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, पार्किंग और साफ शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएंगी। मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यात्रियों को किसी भी स्थिति में सूचना के अभाव का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्रशासन लगातार सोशल मीडिया, व्हाट्सएप चैनल, एलईडी डिस्प्ले और एफएम रेडियो के माध्यम से मौसम और रास्तों के ब्लॉक होने की रीयल-टाइम जानकारी साझा करेगा। इसके साथ ही, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट करने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है, जो सीधे आपातकालीन हेली एम्बुलेंस सेवा की निगरानी करेंगे।
यात्रा मार्गों पर होने वाली मनमानी और ओवररेटिंग को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। सीएम ने गढ़वाल आयुक्त और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट में रेट लिस्ट का प्रदर्शन अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग भी की जाएगी। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चलने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में रेन शेल्टर (शेड) बनाए जा रहे हैं ताकि उन्हें धूप और भारी बारिश से बचाया जा सके।
