देहरादून
एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में सीबीआई का बड़ा एक्शन, मुंबई से दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
LUCC Chit Fund Scam में सीबीआई को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने मुंबई से दो मुख्य आरोपियों किशन जैन और पंकज जैन को गिरफ्तार कर देहरादून कोर्ट में पेश किया है।
देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन, मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई की टीम ने इस वित्तीय धोखाधड़ी के दो मुख्य सूत्रधारों, किशन जैन और पंकज जैन को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों आरोपियों को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच एजेंसी दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देहरादून पहुंची है, जहां उन्हें विशेष बड्स (BUDS) अदालत में पेश किया गया।
सीबीआई के मुताबिक, यह बड़ी कामयाबी लंबी जांच, बैंक खातों के बारीक विश्लेषण और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल के बाद मिली है। इसके साथ ही एजेंसी ने देश के विभिन्न राज्यों में फील्ड जांच की और मौखिक साक्ष्यों को भी जुटाया। जांच में सामने आया है कि इन दोनों आरोपियों ने निवेशकों से जुटाई गई गाढ़ी कमाई की हेराफेरी और गबन में सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, एलयूसीसी की अलग-अलग अनियमित जमा योजनाओं में देशभर के एक लाख से अधिक सीधे-साधे निवेशकों ने अपनी पूंजी लगाई थी। इस सोसाइटी ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए थे, जिसका बाद में जमकर दुरुपयोग किया गया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नवंबर 2025 में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए थे। देश की शीर्ष जांच एजेंसी ने केस हाथ में लेते ही आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इससे पहले मई 2026 में भी सीबीआई इस मामले से जुड़े पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल देहरादून की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। अब इन दो नए मास्टरमाइंड्स की गिरफ्तारी से इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि डूबे हुए पैसों के नेटवर्क का जल्द खुलासा होगा।
