हल्द्वानी
सेना के सम्मान में ‘जय हिन्द सभा’ का आयोजन, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
हल्द्वानी। भारतीय सेना के अदम्य पराक्रम और वीरता के सम्मान में रविवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी ने ‘जय हिन्द सभा’ का आयोजन किया। इस सभा के जरिए जहां कांग्रेस ने भारतीय सेना को सम्मान देने की पहल की, वहीं केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किया। सभा में पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल (सेनि.) रोहित चौधरी ने केंद्र सरकार पर सेना के मनोबल को तोड़ने के गंभीर आरोप लगाए।
कर्नल चौधरी ने कहा कि हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने की तैयारी कर ली थी, लेकिन केंद्र सरकार की चूक के चलते सेना को पीछे हटने का आदेश देना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सीजफायर कर सेना का मनोबल तोड़ दिया और देशवासियों के सपने तोड़ दिए। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार ने इसका सौदा कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को क्यों बीच में लाया, इस पर सरकार आज तक चुप्पी साधे हुए है।
सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर का मजाक उड़ाते हुए सरकार पर निशाना साधा। कर्नल चौधरी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा सेना के साथ खड़ी है और सेना के सम्मान को सर्वोपरि मानती है।
कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन और अंदरूनी खींचतान भी दिखी
हल्द्वानी में इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ने 2027 के चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। प्रदेशभर में सिर्फ हल्द्वानी में ‘जय हिन्द सभा’ के आयोजन ने स्थानीय विधायक सुमित हृदयेश की सक्रियता भी दिखा दी। हालांकि, सभा के दौरान अव्यवस्था के चलते हरीश रावत, गणेश गोदियाल जैसे कई नेता मंच से अपनी पूरी बात नहीं रख पाए।
पूर्व विधायक रणजीत रावत ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि “काफल-हिसालू से काम नहीं चलेगा। 2027 में जीत हासिल करने के लिए संगठन को मजबूती देनी होगी।” उनकी टिप्पणी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम अद्वितीय है और कांग्रेस ने हमेशा सेना का सम्मान किया है। उन्होंने सरकार पर सेना को कमजोर करने का आरोप लगाया। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में कांग्रेस सरकार के साथ थी, लेकिन सरकार ने ट्रंप के सामने बैकफुट लिया, जो निंदनीय है।
कार्यक्रम में गणेश गोदियाल, गोविंद सिंह कुंजवाल, भुवन कापड़ी, आदेश चौहान, फुरकान अहमद, ममता राकेश, अनुपमा रावत, मदन बिष्ट, हरीश धामी, सुमित्तर भुल्लर, सुरेन्द्र शर्मा, ज्योति रौतेला, प्रकाश जोशी, आनंद रावत, विक्रम रावत, हेमा पुरोहित समेत कई नेता मौजूद रहे।
