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हरिद्वार

ईश्वर को निमित्त मान किया कार्य भक्ति बन जाता है: करुणेश मिश्र

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हरिद्वार। अध्यात्म चेतना संघ द्वारा शुभारम्भ प्वाइंट, आर्य नगर में आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत कथा एवं गीता जयन्ती महोत्सव-2024 के चतुर्थ दिवस कथा व्यास एवं संस्था संस्थापक आचार्य करुणेश मिश्र ने भक्त प्रहलाद जी कि कथा श्रवण कराई, जिन्होंने असुर राज हिरण्य कश्यपु के पुत्र होने के बावजूद भगवान की भक्ति में मन लगाया और बालकों को भागवत धर्म की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि, “माँ कयादु द्वारा सम्प्रेषित संस्कारों से ओतप्रोत होकर बालक प्रहलाद न केवल आगे चल कर भगवान नारायण का परम भक्त बना बल्कि, नृसिंह जी के रूप में भगवान के नैमित्तिक अवतार का कारण भी बने।”
      कथा को विस्तार देते हुए आचार्य करुणेश ने कहा कि, “यदि हम अपनी सभी दैनिक कार्यों व क्रियाओं को भगवान का कार्य समझ कर ईश्वर से जोड़ दें, तो हमारा हर कार्य भगवान की आराधना बन जाता है। तब अलग से भगवान की भक्ति करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं रहती है। 

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      आध्यात्मिक कवि सम्मेलन: कथा के उपरान्त अध्यात्म चेतना संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा मीडिया प्रभारी तथा कवि अरुण कुमार पाठक ने जानकारी दी कि कल (शुक्रवार) की श्रीमद्भागवत कथा के पूर्व अपराह्न 2.00 बजे से कथा मंडप में आध्यात्मिक कवि सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा, जिसमें नगर के चयनित कविगण अपनी आध्यात्मिक काव्य रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।
      आज कथा के दौरान मुख्य यजमान श्री गणेश शर्मा ‘बिट्टू’ तथा श्रीमती निकिता शर्मा और सभी यजमान परिवारों के साथ-साथ बृजेश शर्मा, महेश चन्द्र काला, विशाल शर्मा, अर्चना तिवारी, अरुण कुमार पाठक, अशोक सरदार, रविन्द्र सिंघल, संगीत गुप्ता, आभा गुप्ता, विकास शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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