उत्तर प्रदेश
मुरादाबाद: काली माता मंदिर विवाद में जूना अखाड़े को कोर्ट का नोटिस, 7 मई को सुनवाई
मुरादाबाद के प्रसिद्ध काली माता मंदिर में महंत के तबादले पर छिड़ा कानूनी संग्राम। जूना अखाड़े के फैसले के खिलाफ महंत राम गिरि पहुंचे सिविल कोर्ट, जानें क्या है पूरा मामला।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित प्रसिद्ध श्री काली माता मंदिर के उत्तराधिकार को लेकर कानूनी संघर्ष शुरू हो गया है। मंदिर के महंत राम गिरि महाराज ने श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े द्वारा किए गए तबादले के आदेश को सिविल कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अखाड़े की कार्यवाही को पूरी तरह से नियम विरुद्ध और गलत प्रक्रिया बताया है।
महंत राम गिरि महाराज का कहना है कि वे अपने गुरु ब्रह्मलीन श्री महंत दत्त गिरि जी महाराज की उत्तराधिकार परंपरा के अनुसार मंदिर में सेवा दे रहे हैं। उनके अनुसार, जूना अखाड़े ने 09 अप्रैल को जो कार्यवाही की और उनका स्थानांतरण किया, वह आधारहीन है। इस मामले में कोर्ट ने अब अखाड़े के पदाधिकारियों से जवाब मांगा है।

इस कानूनी मुकदमे में जूना अखाड़े के प्रमुख पदाधिकारियों को पक्ष बनाया गया है। इसमें अखाड़े के अध्यक्ष, सभापति, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरी, महंत महाकाल गिरी और हितेश्वर गिरी के नाम शामिल हैं। महंत राम गिरि के वकील सीनियर एडवोकेट राकेश जौहरी ने कोर्ट में तर्क दिया कि अखाड़े का आदेश वादी पर बाध्यकारी नहीं है।
मुरादाबाद सिविल कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की अगली तारीख 07 मई निर्धारित की है। इस दिन कोर्ट दोनों पक्षों के तर्कों को सुनेगा और अखाड़े की प्रक्रिया पर अपना निर्णय देगा। फिलहाल इस विवाद ने धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि यह मंदिर की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा मामला है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजरें अब 7 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। क्या कोर्ट अखाड़े के आदेश पर रोक लगाएगा या परंपराओं के नए आयाम तय होंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
