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नैनीताल

कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी चुनौती, क्षमता से तीन गुना अधिक पहुंच रहे दर्शनार्थी

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हल्द्वानी। नैनीताल जिले के विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ अब प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। नैनीताल जिला प्रशासन द्वारा कराए गए हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मंदिर में रोजाना उसकी निर्धारित क्षमता से तीन गुना अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं।

15 जून को आयोजित होने वाले वार्षिक मेले को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है, जिसमें पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

जिलाधिकारी वंदना सिंह के निर्देश पर एसडीएम कैंचीधाम और पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली ने 17 मई से 9 जून तक कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर संयुक्त सर्वे किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन 20 दिनों में करीब 3,72,000 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सप्ताहांत (वीकेंड) में यह संख्या रोजाना 20 से 22 हजार तक रही, जबकि मंदिर प्रशासन के अनुसार कैंचीधाम में प्रतिदिन अधिकतम सात हजार श्रद्धालु ही सहज रूप से दर्शन कर सकते हैं।

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जाम से बिगड़ रहीं आपात सेवाएं
रिपोर्ट में यह भी उजागर किया गया कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के कारण हर दिन सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। 8 जून को एक मरीज की एंबुलेंस जाम में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

आपदा में बिगड़ सकती है स्थिति
रिपोर्ट में बताया गया है कि कैंचीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं का कोई रजिस्ट्रेशन या डेटा नहीं है, जिससे किसी आकस्मिक या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। भवाली से क्वारब तक का मार्ग पहले से ही संवेदनशील माना गया है।

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रजिस्ट्रेशन प्रणाली की सिफारिश
इन सभी खतरों को देखते हुए प्रशासन ने कैंचीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू करने की सिफारिश की है। जो लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते, उनके लिए हल्द्वानी जैसे प्रवेश बिंदुओं पर ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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