अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
ईटीएफ देगा समाज को हरसंभव सहयोग, पौधारोपण में डानबास्को स्कूल भी शामिल
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में इको टास्क फोर्स (ईटीएफ) इस वर्षाकाल में वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने जा रही है। ईटीएफ की नर्सरी में नौ लाख से अधिक पौध तैयार हैं, जिनमें उन्नत किस्म के फलदार और चारा प्रजाति के पौध शामिल हैं। ईटीएफ हर वर्ष करीब आठ लाख पौधों का रोपण करती है। इस बार जिला मुख्यालय के निकट धनौड़ा और लिन्ठ्यूड़ा वन पंचायतों में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम की शुरुआत ईटीएफ के एडजूडेंट ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल वीएस दानू ने की।

ले. कर्नल दानू ने कहा कि नई पीढ़ी पर्यावरण के प्रति अत्यधिक संवेदनशील और सजग है। उन्होंने बच्चों और समाज के अन्य लोगों को स्थानीय पौधों के नाम, उनके लाभ और वैज्ञानिक तरीकों से पौधारोपण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पौधों की देखभाल के प्रति भी जागरूक किया और कहा कि पौधों की नियमित देखभाल से ही पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि ईटीएफ हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है और जो भी संस्था अथवा विद्यालय पौधारोपण करना चाहे, वह ईटीएफ से संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण आज पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है और हमें एकजुट होकर पौधारोपण तथा वनों के संरक्षण के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, भूस्खलन, बेमौसम गर्मी और बारिश से बचने के लिए वृक्षारोपण सबसे बड़ा और स्थायी उपाय है।
इस अवसर पर डानबास्को स्कूल प्रबंधन के विशेष अनुरोध पर ईटीएफ ने स्कूल परिसर में फल और चारा प्रजातियों के 160 पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिक और किसान भूषण पुरस्कार विजेता केशव दत्त मखौलिया, मनरेगा लोकपाल जगदीश कलौनी, नगर निगम पार्षद दिनेश कापड़ी, डानबास्को स्कूल के प्रधानाचार्य ज्वाइस फर्नांडिस, वन पंचायत सरपंच संजय शाही, त्रिभुवन शाही, कुंदन सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
इस पौधारोपण कार्यक्रम ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामूहिक जिम्मेदारी का भी एहसास कराया। ईटीएफ के प्रयासों से आने वाले समय में इस क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और समाज में पर्यावरण संरक्षण की भावना और मजबूत होगी।
