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नई दिल्ली

पिता चपरासी, मां करती है घरों में काम, बेटी ने किया सबका ‘नाम’

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विषम परिस्थितियों में रितिका ने पाया मुकाम, मिला 20 लाख का रुपये पैकेज
नई दिल्ली।
झारखंड की रितिका सुरीन आजकल के युवाओं के लिए मिसाल बनी है। रितिका ने विषम परिस्थितियों में रहते हुए अपने माता-पिता ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है।

रितिका के पिता चपरासी हैं। मां लोगों के घरों में झाडू पोंछा करती है। लेकिन ‌रितिका ने अपनी मेहनत से सफलता का मुकाम हासिल किया है। उसे 20 लाख रुपये का पैकेज मिला है।
रितिका की मां मैरी और पिता नवल गलगोटिया ने गरीबी में बेटी की परवरिश की है। मां जिस घर में काम करती हैं वह परिवार उसके लिए भगवान बना है। बेटी की पढ़ाई के लिए काफी मदद की है। पिता ने भी बेटे के सपनों को उड़ान देने के लिए कोई कमी नहीं की। उधार लेकर बेटी को पढ़ाया। मैनेजमेंट कालेज में
दाखिला दिलाया। विश्वविद्यालय ने भी उसकी फीस में छूट दी।
रितिका को 20 लाख रुपये का सॉफ्टवेयर की कंपनी से पैकेज मिला है। विवि से रितिका 50 फीसदी तक स्कालरशिप दी गई और कोर्स की किताबें भी मुफ्त उपलब्ध कराई गई थी। रितिका ने अपनी मेहनत के दम पर सभी का मान बढ़ाया है।

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