Connect with us

नई दिल्ली

देहरादून में पांच बांग्लादेशी नागरिक और एक भारतीय महिला गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से रह रहे थे अवैध रूप से

Published

on

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध रूप से रह रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक भारतीय महिला पूजा रानी को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इन सभी के साथ साजिश में शामिल थी। इसके अलावा चार बांग्लादेशी नाबालिगों को भी संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो बांग्लादेशी पहचान पत्र और भारत के दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस रोड इलाके में की गई।

गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों में निर्मल राय, शेम राय, लिपि राय, कृष्णा उर्फ संतोष और मुनीर चंद्र राय शामिल हैं। ये सभी व्यक्ति पिछले कुछ समय से देहरादून में मजदूरी का काम कर रहे थे। इनके साथ चार बांग्लादेशी नाबालिग और भारतीय मूल की पूजा रानी भी पाई गई, जो मुनीर चंद्र राय की पत्नी है।

पूछताछ में सामने आया कि मुनीर चंद्र राय वर्ष 2016 में राधिकापुर बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर पश्चिम बंगाल में अपने मामा के घर रहा था। वहां कुछ समय रहने के बाद उसने नोएडा और झज्जर (राजस्थान) में मजदूरी की। उसी दौरान उसकी मुलाकात पूजा रानी से हुई और दोनों ने फरीदाबाद में शादी कर ली। पूजा की यह दूसरी शादी थी, उसकी पहली शादी से दो बच्चे हैं जिनमें से एक उनके साथ रहता है।

यह भी पढ़ें 👉  9 जून को हरिद्वार और 11 जून को टिहरी लोकसभा में व्यापारी सम्मेलन

मुनीर ने बाद में हर्रावाला (देहरादून) में एक कैंसर अस्पताल में काम किया और फिर कुछ समय के लिए वापस बांग्लादेश लौट गया। 2023 में वह दोबारा भारत आया, इस बार उसे अलाउद्दीन उर्फ मोहम्मद आलम नामक व्यक्ति ने भारत में प्रवेश कराने में मदद की। इसके बाद से वह अपनी पत्नी पूजा और अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के साथ देहरादून में रहकर मजदूरी कर रहा था। छह माह पूर्व मुनीर ने अपने अन्य साथियों—निर्मल राय, शेम राय, लिपि राय (पत्नी शेम राय) और उनके दो बच्चों—को भी भारत बुला लिया।

पुलिस द्वारा पूछताछ में जब दस्तावेज मांगे गए, तो कोई भी वैध पहचान पत्र नहीं दिखा पाए। मुनीर चंद्र राय से बिहार और पश्चिम बंगाल के फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए, जबकि कृष्णा और निर्मल से बांग्लादेश के आईडी कार्ड मिले। पुलिस का कहना है कि यह मामला न केवल अवैध रूप से देश में घुसपैठ का है, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी पहचान प्रणाली को भी धोखा देने की गंभीर साजिश है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के इन गांवों में सूखा नशा की खरीद-फरोख्त पर लगेगा जुर्माना, पंचायत में फैसला

गिरफ्तार सभी लोगों के विरुद्ध विदेशी अधिनियम व फर्जी दस्तावेज तैयार करने व उपयोग करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। चारों बांग्लादेशी नाबालिगों को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर संरक्षण में लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्हें भारत लाने और यहां बसाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:

  1. निर्मल राय पुत्र रोतेन चंद्र राय
  2. शेम राय पुत्र परिमल चंद्र शोरकर
  3. लिपि राय पत्नी शेम राय
  4. कृष्णा उर्फ संतोष पुत्र उखिल चंद्र राय
  5. मुनीर चंद्र राय पुत्र झुलु चंद्र राय
  6. पूजा रानी पत्नी मुनीर चंद्र राय
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement