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हरिद्वार

पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ का अब वाहन सीज, शराब की दुकान के पास खड़ा था वाहन, लगा था विधायक का बोर्ड

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महिला से साथ वायरल वीडियो पर पूर्व विधायक बोले, एक फ़िल्म का है सीन
ऋषिकेश।
भाजपा से हरिद्वार ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ का अब पुलिस ने वाहन सीज कर दिया। पुलिस का कहना है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। वहीं पूर्व विधायक ने एक महिला के साथ वायरल वीडियो पर सफाई दी है।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात करीब सवा नौ बजे खारास्रोत पर अंग्रेजी शराब की दुकान के पास एक वाहन सड़क पर खड़ा था। इस पर विधायक की पट्टी लगी थी। वाहन के सड़क पर खड़े होने से यातायात बाधित हो रहा था। प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि वाहन में कोई विधायक मौजूद नहीं था। कागज मांगने पर वाहन में मौजूद कोई भी व्यक्ति वाहन के कागज भी नहीं दिखा पाया। इन लोगों ने वाहन को पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ का बताया। आचार सहिंता लगी हुई है, इसके बावजूद वाहन में हूटर और विधायक की पट्टी लगाई गई थी।
विधायक के आगे पूर्व नहीं लिखा गया था। जबकि, वाहन पूर्व विधायक का था। नियमों के उल्लंघन पर वाहन को सीज किया गया है। वहीं, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने कहा कि मेरे वाहन से आगे मेरे कुछ रिश्तेदार चल रहे थे और मैं पीछे आ रहा था। प्रभारी निरीक्षक से बात करने पर वह नहीं माने और उन्होंने वाहन सीज कर दिया।
महिला के साथ वायरल वीडियो पर पूर्व विधायक का कहना है कि वीडियो में जो महिला दिख रही है वह सहारनपुर की रहने वाली है। इनके पति से इनका तलाक का मामला चल रहा है। रविदास पीठ में इनका हमेशा आना-जाना लगा रहता है। पीठ की यह पदाधिकारी भी हैं। कई पिक्चर हाल और साइट पर मेरी फिल्म ‘गंगा संग रविदास’ प्रदर्शित भी हो रही है। तीसरी फिल्म यह ‘भाभी जी विधायक हैं’। इसमें मैं मुख्य अभिनय में हूं। फिल्म में भी मेरा नाम सुरेश राठौर ही है। हास्य आधारित फिल्म में इस तरह के कई दृश्य फिल्माए गए हैं। किसी के बहकावे में आकर उन्होंने स्वयं ही इस वीडियो को वायरल कर दिया। फिलहाल इस पर अब कोई साजिश करे या दुष्प्रचार की नीयत से काम करे तो मैं क्या ही कर सकता हूं। 
सुरेश राठौर ने कहा कि दूसरा मामला जो वाहन सीज करने का है तो मेरी गाड़ी से आगे-आगे मेरे कुछ रिश्तेदार चल रहे थे पीछे से मैं आ रहा था। मुनिकीरेती चौकी इंचार्ज से बात करने के बाद भी वह नहीं माने और उन्होंने वाहन को सीज कर दिया। चालान भी किया जा सकता था, लेकिन दारोगा बात करने के बाद भी नहीं माने तो मैंने भी कोई शिकायत कहीं नहीं की।

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