Connect with us

हल्द्वानी

हल्द्वानी: 66 साल के सूबेदार गोपाल सिंह की अनूठी लगन! निःशुल्क ट्रेनिंग से 20+ युवाओं को मिली सेना में नौकरी

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी के गोरा पड़ाव बाईपास पर सूबेदार गोपाल सिंह कार्की (रिटायर्ड) 2017 से युवाओं को मुफ्त सैन्य प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस बार 20 से अधिक लड़कों का सेना में चयन हुआ। जानें कैसे मिली सफलता।

हल्द्वानी। आउत्तराखंड के हल्द्वानी में, सूबेदार गोपाल सिंह कार्की (सेवानिवृत्त), जिनकी उम्र 66 साल है, युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। वह पिछले कई वर्षों से बिना किसी शुल्क के युवाओं को सैन्य और पुलिस भर्ती की तैयारी करवा रहे हैं। उनकी इसी लगन और निःस्वार्थ सेवा का परिणाम हाल की भर्ती में देखने को मिला, जब उनके द्वारा प्रशिक्षित 20 से अधिक लड़कों का भारतीय सेना में चयन हुआ। यह सफलता न केवल गोपाल सिंह कार्की के समर्पण को दर्शाती है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी एक बड़ा प्रोत्साहन है जो सेना में जाने का सपना देखते हैं।
गोरा पड़ाव बाईपास पर स्थित प्रशिक्षण मैदान पर सूबेदार कार्की वर्ष 2017 से रोजाना सुबह-शाम युवाओं को शारीरिक दक्षता से लेकर लिखित परीक्षा तक की बारीकियां सिखाते हैं। उनका लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा, केवल पैसों की कमी या सही मार्गदर्शन के अभाव में अपने सपने से वंचित न रहे। इस बार जिन युवाओं ने सफलता पाई है, उनमें पवन सिंह मेहरा, सुनील नैनवाल, रॉबिन दर्मवल, अभिजीत सिंह बोरा, त्रिलोक दानू जैसे होनहार नाम शामिल हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: गौलापार में चलती कार बनी आग का गोला, बाल-बाल बचे यात्री


सफलता पर युवाओं और क्षेत्र में खुशी का माहौल


इन युवाओं की सफलता की खबर मिलते ही गोरा पड़ाव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल छा गया। सफल हुए युवाओं ने अपने प्रशिक्षक, सूबेदार गोपाल सिंह कार्की, के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सूबेदार जी ने न केवल उन्हें कठोर शारीरिक प्रशिक्षण दिया, बल्कि अनुशासन, देशप्रेम और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने का हौसला भी सिखाया। युवा नरेंद्र सिंह बोरा और सुमित धपाला ने कहा कि सूबेदार जी की प्रेरणा के बिना यह सफलता पाना मुश्किल था। यह प्रशिक्षण सेंटर अब पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए भारतीय सेना में जाने की पहली सीढ़ी बन गया है।

यह भी पढ़ें 👉  इंस्टाग्राम दोस्ती, 230 KM का सफर! हल्द्वानी की किशोरी ने प्रेमी से मिलकर रची अपहरण की झूठी कहानी


युवाओं के भविष्य को संवारने का संकल्प


गोपाल सिंह कार्की का कहना है कि उनकी यह मुहिम तब तक जारी रहेगी जब तक उत्तराखंड का हर युवा अपनी मेहनत से देश सेवा के लिए सेना में स्थान नहीं पा लेता। उन्होंने सफलता प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे देश की सेवा पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करेंगे। सूबेदार कार्की की यह निःशुल्क पहल समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि जुनून और समर्पण के बल पर बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। इस तरह की पहल युवाओं को एक सही दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में भी सहयोग करती है।

Select Language

Advertisement