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उत्तराखण्ड

बंजर खेतों में लहलहा उठी मेहनत की पसीने की फसल

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दिल्ली से लौटे दो भाई सालाना कमाते हैं 24 लाख, दूसरों को दिया रोजगार
देहरादून।
टिहरी चंबा के डडूर गांव के दो भाइयों की कामयाबी ने युवाओं के पलायन रोकने के लिए उम्मीद जगाई है। दोनों भाइयों ने दिल्ली से लौटकर गांव में खेती को अपना रोजगार बनाया है। बंजर खेतों में मेहनत और सफलता की फसल लहलहाई है। सालाना 24 लाख रुपये कमाते हैं और दूसरों को रोजगार भी
दे रहे हैं।
डडूर गांव के सुशांत और प्रकाश उनियाल दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। पलायन से खाली होते गांव और बंजर खेतों को का दर्द सुशांत और प्रकाश को गांव खींचकर ले आया। नौकरी छोड़कर 2018 में गांव आ गए और मशरूम प्लांट लगाया।
2019 में केंद्र सरकार की मिशन आफ इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट आफ हिल्स (एमआइडीएच) योजना के तहत 28.65 लाख रुपये का कर्ज लिया। गांव में ही ढिंगरी मशरूम का प्लांट लगाया। गांव और आसपास के युवाओं को साथ जोड़ा। लाकडाउन में 10 लाख रुपये का व्यापार कर दिया। अब उनके उत्पाद चंबा, नई
टिहरी, ऋषिकेश, देहरादून और दिल्ली तक जाते हैं। वर्षभर में 24 लाख से ज्यादा टर्नओवर पहुंच गया है। स्थानीय बाजार में 150-180 रुपये किलो मशरूम बेचते हैं। गांव के 20 युवाओं को रोजगार भी दिया है।

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