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नैनीताल

ICAR-IVRI मुक्तेश्वर में 136वां स्थापना दिवस समारोह, किसानों को मिला प्रशिक्षण

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ICAR-IVRI, मुक्तेश्वर परिसर में 136वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह से मनाया गया। विधायक रामसिंह कैड़ा रहे मुख्य अतिथि। 162 से अधिक किसानों ने भाग लिया और ‘शीतकाल में पशुधन प्रबंधन’ पर संवाद हुआ

मुक्तेश्वर। आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), मुक्तेश्वर परिसर में दिनाँक 8 दिसंबर 2025 को संस्थान का 136वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक, कर्मचारी, छात्र, शोधकर्ता और उत्तराखंड पशुपालन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए आसपास के छह से अधिक गाँवों और सितारगंज ब्लॉक से कुल 162 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भीमताल विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक, श्री. रामसिंह कैड़ा थे, जबकि डॉ. रमेश सिंह निटवाल, अपर निदेशक, पशुपालन विभाग, उत्तराखंड सरकार विशिष्ट अतिथि रहे। समारोह की अध्यक्षता संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. वाय. पी. एस. मालिक ने की। अतिथियों का स्वागत करते हुए, डॉ. मालिक ने आईवीआरआई (IVRI) के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान में चल रहे शोध कार्यों का ब्यौरा दिया। विधायक श्री कैड़ा ने अपने संबोधन में संस्थान के पशुपालन क्षेत्र में विशेष योगदान की सराहना की और सभी को बधाई दी।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, “पशुधन क्षेत्र में आईवीआरआई का योगदान” विषय पर डॉ. नितवाल ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने पशुधन अनुसंधान, रोग नियंत्रण, और तकनीकी प्रसार में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, रंगोली, भाषण और चित्रकला जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर का मुख्य आकर्षण “शीतकाल में पशुधन तथा मुर्गियों का प्रबंधन” विषय पर आयोजित एक वैज्ञानिक–किसान संवाद बैठक रही। उत्तराखंड पशुपालन विभाग और आईवीआरआई के विशेषज्ञों ने किसानों के साथ सर्दियों में पशुओं की देखभाल, पोषण, टीकाकरण और आवास प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। प्रगतिशील किसानों, श्री हरीश बिष्ट और श्री प्रशांत बिष्ट, को उनके हर्बल फार्मिंग और गौपालन के अनुभवों के लिए सम्मानित किया गया। जनजातीय और अनुसूचित जाती उपयोजनाओं के तहत किसानों को कुदाल, फावड़ा, मिनरल मिक्सचर और दूध की बाल्टी जैसी सामग्री का वितरण भी किया गया।
इस दौरान किसानों को मुर्गीपालन इकाई, गौपालन इकाई, मशरूम पालन इकाई और बकरी पालन इकाई का भ्रमण भी करवाया गया। इस सफल कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अमोल गुरव, डॉ. दीपिका बिष्ट, डॉ. नितीश सिंह खड़ायत और श्री मनीष तोमर ने किया।

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