Connect with us

उत्तराखण्ड

कैंसर के मरीजों की अब प्राथमिक चरण में हो सकेगी पहचान

Published

on

खबर शेयर करें 👉

एम्स को जल्द ही पीईटी सीटी मशीन उपलब्ध होगी, मशीन के लिए दिया ऑर्डर
ऋषिकेश।
एम्स को जल्द ही पीईटी सीटी मशीन (पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी और कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी) उपलब्ध हो जाएगी। जिससे यहां प्रारंभिक चरण में ही कैंसर रोग की पहचान हो सकेगी। उक्त अत्याधुनिक मशीन को लगाने और खरीदने की परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड) मुंबई से एम्स प्रशासन को पिछले वर्ष अनुमति मिल चुकी है। सरकारी एजेंसी के माध्यम से मशीन खरीद के लिए आर्डर दे दिया है। एम्स प्रशासन का कहना है कि एक-दो माह के भीतर मशीन उपलब्ध हो जाएगी। पीईटी सीटी से कैंसर के रोगियों की जांच और उपचार करने वाला एम्स उत्तराखंड का पहला सरकारी चिकित्सा संस्थान होगा।
एमआरआई और सीटी स्कैन की जांच में 40 से 45 फीसदी मरीजों में प्रारंभिक चरण में कैंसर का पता नहीं लग पाता है। पीईटी सीटी मशीन प्रारंभिक चरण में कैंसर का पता लगाने में मदद करता है। इस मशीन से एमआरआई की अपेक्षा कैंसर की जांच व पहचान जल्दी होती है। अभी तक एम्स में एमआरआई और सीटी स्कैन से ही कैंसर रोगियों की जांच होती है। इस मशीन से उपचार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मशीन उपचार के दौरान केवल उसी कोशिका को टारगेट करती है जो कैंसर से प्रभावित है। अन्य अंगों या कोशिकाओं पर यह कोई प्रभाव नहीं डालती है। जिससे इसके दुष्परिणाम नहीं होते हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement