Connect with us

नई दिल्ली

दुनिया में फिर बढ़ने लगा कोविड संक्रमण: एशियाई देशों में मामलों में तेजी, भारत सतर्क

Published

on

खबर शेयर करें 👉

नई दिल्ली। दुनिया में एक बार फिर कोविड-19 संक्रमण पैर पसारने लगा है। सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड जैसे एशियाई देशों में मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। भारत सरकार भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

सिंगापुर में कोविड संक्रमण की रफ्तार में तेजी देखी जा रही है। वहां 3 मई को समाप्त सप्ताह में कोविड के 14,200 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि इसके पिछले सप्ताह यानी 27 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 11,100 मामले सामने आए थे। इस प्रकार एक सप्ताह में मामलों में 14 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने वाले संक्रमितों की संख्या भी बढ़कर 133 पहुंच गई है, जो पहले 102 थी। सिंगापुर में एलएफ-7, एनबी 1.8 और जेएन 1 जैसे वेरिएंट सामने आए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी में बेल बाबा मंदिर के पास ट्रक ने बाइक सवार एचडीएफसी बैंक कर्मी को कुचला

हांगकांग में संक्रमण की दर सिंगापुर से भी अधिक रही है। वहां 10 मई को समाप्त सप्ताह में 1,042 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 30 फीसदी की वृद्धि दर्शाते हैं। इस बढ़ोतरी को देखते हुए हांगकांग सरकार ने संवेदनशील आयु वर्ग के लोगों के लिए पुनः टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है, ताकि उन्हें गंभीर संक्रमण से बचाया जा सके।

थाईलैंड में भी संक्रमण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक वहां कोविड से 19 मौतें हो चुकी हैं और 71 नए मामले सामने आए हैं। वहीं चीन में भी कोविड मामलों में बढ़ोतरी की खबरें मिल रही हैं, लेकिन चीन सरकार की ओर से आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, जिससे स्थिति का सही आकलन करना कठिन हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  भारी वर्षा के चलते रेलवे लाइन पर मलबा आने से इतनी ट्रेन प्रभावित, देखें सूची

गौरतलब है कि अधिकांश देशों ने अब कोविड के मामलों की नियमित रिपोर्टिंग बंद कर दी है, लेकिन निगरानी और विश्लेषण का कार्य अभी भी जारी है। भारत सरकार इन देशों में बढ़ते संक्रमण के आंकड़ों पर करीबी नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड भले ही पहले जैसा व्यापक न हो, लेकिन वेरिएंट्स के कारण इसका खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अतः सतर्कता और निगरानी अभी भी अत्यंत आवश्यक है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement