हल्द्वानी
जमरानी बांध परियोजना: तराई-भाबर की बदलेगी किस्मत, सीएम धामी ने दिए अहम निर्देश
जमरानी बांध परियोजना का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया निरीक्षण। हल्द्वानी बनेगा मॉडल सिटी और 2029 तक पूरा होगा बांध का काम। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना (Jamrani Dam Project) के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को तराई-भाबर क्षेत्र की ‘लाइफलाइन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बांध के निर्माण से न केवल उत्तराखंड बल्कि उत्तर प्रदेश में भी सिंचाई, बिजली और पेयजल की किल्लत दूर होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र के लोगों के 48 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बजट आवंटित होने के बाद अब काम में तेजी आई है। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 4 साल की समयसीमा के भीतर इस विशाल परियोजना को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
हल्द्वानी के विकास पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर के लिए 2200 करोड़ रुपये का विशेष बजट दिया है। इस बजट से पेयजल, ड्रेनेज और सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इन कार्यों के पूर्ण होते ही हल्द्वानी एक ‘मॉडल सिटी’ के रूप में देश के सामने नजर आएगा।
परियोजना की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए महाप्रबंधक महेश खरे ने बताया कि दो प्रमुख टनलों का 88 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जून 2026 तक टनल और कृत्रिम बांध (कॉफर डैम) का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मुख्य स्थायी बांध का निर्माण शुरू होगा, जिसे जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बांध राज्य की समृद्धि का प्रतीक बनेगा। इससे पर्यटन और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जनता की मांग पर बांध से बिजली उत्पादन को लेकर केंद्र सरकार से भी वार्ता की जाएगी। जमरानी बांध परियोजना उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
