Connect with us

उत्तराखण्ड

महाशिवरात्रि 2026: उत्तराखंड के 5 जिलों में मीट की बिक्री पर लगी पाबंदी, आदेश जारी

Published

on

खबर शेयर करें 👉

Mahashivratri पर उत्तराखंड के हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर सहित 5 जिलों में मांस की बिक्री प्रतिबंधित। आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

देहरादून। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को देखते हुए उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 5 प्रमुख जिलों—हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी—में मांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कांवड़ यात्रा के मार्गों और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार: गंगा घाटों और कांवड़ मार्ग पर सख्त पाबंदी
हरिद्वार में महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु गंगा जल लेने पहुंचते हैं। आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गंगा तटों और सभी कांवड़ मार्गों के किनारे स्थित मांस की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। पुलिस की टीमें लगातार घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ियों के आवागमन वाले रास्तों पर कच्चे या पके मांस की उपलब्धता धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है, इसलिए यह प्रतिबंध अनिवार्य है।
काशीपुर: 11 से 15 फरवरी तक बंद रहेंगी दुकानें
ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में मेयर दीपक बाली ने शिवरात्रि के उपलक्ष्य में कड़े निर्देश जारी किए हैं। शहर की धार्मिक मर्यादा को देखते हुए 11 फरवरी से 15 फरवरी तक पूरे नगर क्षेत्र में मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नगर निगम की विशेष टीमें बाजारों में गश्त करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी होटल या दुकान मांस का विक्रय न करे। इस आदेश में कच्चे और पके, दोनों तरह के मांस को शामिल किया गया है।
उत्तरकाशी: गंगा तट से 500 मीटर तक ‘नो मीट’ जोन
पहाड़ी जिले उत्तरकाशी में भी प्रशासन ने सुरक्षा और शुचिता के कड़े इंतजाम किए हैं। यहाँ गंगा नदी (भागीरथी) के तट से 500 मीटर के दायरे में पशु वध और मांस की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह नियम उन क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी होगा जहाँ से कांवड़िए जल भरते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय देवभूमि की सदियों पुरानी परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं के सम्मान में लिया गया है।
प्रशासन की चेतावनी और निगरानी
सभी संबंधित जिलों में पुलिस और स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों को पहले ही सूचित कर दिया गया है। यदि कोई भी व्यक्ति या दुकानदार इन नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है। शिवरात्रि के दौरान शांति और स्वच्छता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement