Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन, उत्पीड़न और अधिकारों को लेकर उठाई आवाज

Published

on

खबर शेयर करें 👉

अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के अल्मोड़ा आगमन पर अनुसूचित जाति के प्रतिनिधियों ने एक मंगपत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने समाज की विभिन्न समस्याओं को उजागर करते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की।

ज्ञापन में सबसे पहले ग्राम मल्ली नाली के देवाटाना तोक में अनुसूचित जाति के लोगों की पेयजल लाइन को तोड़कर अन्य लोगों को “घर-घर नल, घर-घर जल” योजना के अंतर्गत जल आपूर्ति करने के प्रयासों की शिकायत की गई। प्रतिनिधियों ने इस उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित परिवारों को तत्काल जल सुविधा बहाल कराने का अनुरोध किया।

यह भी पढ़ें 👉  ऋषिकेश में गंगा उफान पर, शिव मूर्ति की जटाओं तक पहुंची गंगा की लहरें, कई घाट जलमग्न, देखिए वीडियो..

दूसरा मुद्दा नौकरियों में अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में कम अंक दिए जाने और “एनएफएस” लिखने की शिकायत रही। उन्होंने पारदर्शिता हेतु साक्षात्कार प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की मांग की, जिससे न्यायसंगत नियुक्तियाँ सुनिश्चित हो सकें।

ज्ञापन में आगे कहा गया कि अनुसूचित जाति के भूमिहीन परिवारों को बेनाप भूमि एवं तराई क्षेत्र की शीलिंग भूमि आवंटित की जानी चाहिए। इसके साथ ही, सरकारी विभागों में बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग भी की गई।

यह भी पढ़ें 👉  सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, सुन ली सामूहिक दुवाएंअतिक्रमण की कार्यवाई पर लगाई रोक…

शिक्षा के क्षेत्र में, स्कूलों में अनुसूचित जाति के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने एवं उच्च शिक्षा में स्कॉलरशिप हेतु आय सीमा समाप्त करने की मांग की गई।

ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से नारायण राम एडवोकेट, बन एडवोकेट, हरीराम टम्टा आदि लोग उपस्थित रहे। उनका कहना है कि इन मांगों पर कार्यवाही से पर्वतीय क्षेत्र के अनुसूचित जाति के लोगों को सशक्त किया जा सकेगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement