Report by : CWN Desk
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मृत बेटे के वीर्य के लिए अदालत पहुंची मां: बॉम्बे हाईकोर्ट ने फर्टिलिटी क्लिनिक को दिया सीमेन सुरक्षित रखने का आदेश

मुंबई। एक अनोखे और संवेदनशील मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें एक मां ने अपने मृत बेटे का वीर्य (सीमेन) प्राप्त करने की अनुमति मांगी है। मां का कहना है कि वह परिवार की वंशबेलि को आगे बढ़ाना चाहती हैं, इसलिए फर्टिलिटी क्लिनिक को वीर्य सौंपने का आदेश दिया जाए। हालांकि, क्लिनिक ने इससे इनकार कर दिया है।

दरअसल, युवक की फरवरी में कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इलाज के दौरान उसने अपना वीर्य संरक्षित कराया था, लेकिन उसने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर यह निर्देश दिया था कि मृत्यु के बाद उसके वीर्य को नष्ट कर दिया जाए। इसी आधार पर फर्टिलिटी क्लिनिक ने वीर्य देने से मना कर दिया।

मृतक की मां ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि बेटा अविवाहित था और उसने यह निर्णय परिवार से बिना परामर्श के लिया। मां का आग्रह है कि बेटे के सीमेन को गुजरात स्थित एक आईवीएफ केंद्र में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए ताकि वह पोता या पोती के रूप में वंश आगे बढ़ा सकें।

याचिका में सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 का हवाला दिया गया है, जो एआरटी क्लीनिकों के संचालन, नैतिकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। क्लिनिक का कहना है कि इस कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति की स्पष्ट सहमति के बिना मृत्यु के बाद उसका वीर्य प्रयोग में नहीं लाया जा सकता।

25 जून को न्यायमूर्ति मनीष पिताले की एकल पीठ ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि जब तक इस याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक सीमेन को नष्ट नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि सीमेन को नष्ट कर दिया गया, तो याचिका का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।

अदालत ने फर्टिलिटी क्लिनिक को निर्देश दिया कि सीमेन को सुरक्षित रूप से संरक्षित रखा जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला महत्वपूर्ण वैधानिक और नैतिक सवालों को उठाता है, जिन पर विस्तार से विचार आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की गई है।

यह मामला न सिर्फ कानून के दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक दृष्टिकोण से भी अत्यंत जटिल और विचारणीय है। मृतक की इच्छा बनाम परिवार की भावनात्मक जरूरतों के बीच यह मामला एक गहरा नैतिक मंथन उत्पन्न करता है, जिसका निर्णय आने वाले समय में महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।

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