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हल्द्वानी

नैनीताल अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा: जमीनी विवाद में चचेरे भाई ने मारी थी गोली

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नैनीताल: नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा के नेतृत्व में नैनीताल पुलिस ने चर्चित अधिवक्ता उमेश नैनवाल हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी दिनेश नैनवाल को गिरफ्तार किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
8 अक्टूबर, 2024 को मुखानी थाने में एक तहरीर दर्ज कराई गई थी, जिसमें कहा गया था कि 7 अक्टूबर की रात कमलुआगांजा रामलीला में अधिवक्ता उमेश नैनवाल की उनके चचेरे भाई दिनेश नैनवाल ने जमीनी विवाद के चलते गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने तुरंत एक पुलिस टीम गठित की। एसपी सिटी हल्द्वानी प्रकाश चन्द्र और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी नितिन लोहनी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष विजय मेहता के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने चौकी लामाचौड़ क्षेत्र में चेकिंग के दौरान आरोपी दिनेश नैनवाल को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ।
आरोपी का बयान
पूछताछ में दिनेश नैनवाल ने बताया कि उसके चाचा की 18-19 बीघा जमीन थी, जिसका कोई वारिस नहीं था। सभी रिश्तेदारों ने जमीन को स्कूल या पार्क बनाने की सहमति दी थी, लेकिन उमेश नैनवाल इस बात का विरोध कर रहा था। इसी विवाद के चलते उसने गुस्से में आकर उमेश नैनवाल को गोली मार दी।
पुलिस टीम
इस मामले में गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विजय सिंह मेहता (थानाध्यक्ष/विवेचक), उपनिरीक्षक नीरज भाकुनी (धानाध्यक्ष वनभूलपुरा), उपनिरीक्षक पंकज जोशी (थानाध्यक्ष कालादूँगी), उपनिरीक्षक संजीत राठौर (प्रभारी एस.ओ.जी), उपनिरीक्षक बलवंत कम्बोज (प्रभारी चौकी आर.टी.ओ), हेड कांस्टेबल ललित श्रीवास्तव एसओजी, कांस्टेबल चन्दन नेगी (एसओजी), धीरज सूगडा (मुखानी), गणेश गिरी (मुखानी), सुरेश देवडी (मुखानी), अनूप तिवारी (मुखानी), प्रवीण सिंह (मुखानी) जीवन कुमार (मुखानी), अरविन्द बिष्ट एसओजी, राजेश बिष्ट एसओजी शामिल थे।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी दिनेश नैनवाल के खिलाफ पहले भी हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं।
यह मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
* जमीनी विवाद: यह मामला जमीनी विवादों के कारण होने वाली हिंसा का एक उदाहरण है।
* कानून का राज: पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करके कानून का राज कायम किया है।
* समाज में संदेश: यह मामला हमें बताता है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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