उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में आयुष्मान कार्ड के लिए राशन कार्ड की अनिवार्यता, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नया नियम लागू
देहरादून। उत्तराखंड में अब आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान योजना में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह नया नियम लागू किया है।
राशन कार्ड धारकों के ही बनेंगे आयुष्मान कार्ड
नए नियम के अनुसार, अब उन्हीं लोगों के आयुष्मान कार्ड मान्य होंगे जिनके राशन कार्ड खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन दिखाई देंगे। इसका मतलब है कि जिन लोगों के राशन कार्ड रद्द हो गए हैं या जिन्होंने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं, उनके आयुष्मान कार्ड भी रद्द कर दिए जाएंगे।
फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने की कोशिश
उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड का होना जरूरी है। लेकिन, कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें लोगों ने फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवाकर आयुष्मान कार्ड भी बनवा लिए। बाद में जब खाद्य विभाग ने सत्यापन अभियान चलाया तो कई अपात्रों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए, जबकि कई के निरस्त कर दिए गए।
सत्यापन अभियान शुरू
राशन कार्ड निरस्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग अभी तक आयुष्मान कार्ड का लाभ ले रहे थे। हाल ही में सरकार ने आयुष्मान कार्ड में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कार्ड सत्यापन शुरू कर दिया है। इसके तहत उन सभी लोगों के आयुष्मान कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं जिनके राशन कार्ड खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं दिख रहे हैं।
अधिकारियों और अस्पतालों को निर्देश जारी
प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद सिंह ह्यांकी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों और अस्पतालों को निर्देशित कर दिया गया है।
