अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
अल्मोड़ा जेल में हड़कंप: कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि की बैरक में मिली स्मार्ट वॉच और चार्जर
आजीवन कारावास की सजा काट रहे अपराधी प्रवीण वाल्मीकि की बैरक से स्मार्ट वॉच और डेटा केबल बरामद। टॉयलेट सीट के नीचे छिपाया था सामान। पढ़ें पूरी खबर।
अल्मोड़ा: उत्तराखंड की अल्मोड़ा जिला जेल एक बार फिर विवादों में है। जेल प्रशासन ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि (Praveen Valmiki) की बैरक से प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है। तलाशी के दौरान बैरक की टॉयलेट सीट के अंदर छुपाकर रखी गई एक स्मार्ट वॉच, चार्जर और डेटा केबल मिलने से जेल अधिकारियों के होश उड़ गए हैं।
यह घटना उस समय सामने आई जब रुड़की निवासी प्रवीण वाल्मीकि को गैंगस्टर एक्ट के तहत पेशी पर हरिद्वार भेजा गया था। उसकी अनुपस्थिति में बंदीरक्षकों ने बैरक की सघन तलाशी ली। इस दौरान स्मार्ट वॉच के अलावा दो डेटा केबल और पतली तारें भी बरामद हुई हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद स्मार्ट वॉच में 12 संदिग्ध मोबाइल नंबर भी सेव पाए गए हैं।
प्रवीण वाल्मीकि एक शातिर अपराधी है, जिस पर हत्या और रंगदारी जैसे एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। अगस्त 2024 में उसे सफाई नायक की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सूत्रों का दावा है कि प्रवीण जेल के भीतर से ही अपना गिरोह संचालित कर रहा है। स्मार्ट वॉच में मिले नंबरों से आशंका जताई जा रही है कि वह बाहरी दुनिया के संपर्क में था।
अल्मोड़ा जेल पहले भी अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी की गतिविधियों के कारण चर्चा में रही है। ताजा घटना ने जेल के सुरक्षा घेरे और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल अधीक्षक जयंत पांगती की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन 12 नंबरों की सीडीआर (CDR) खंगाल रही है जो स्मार्ट वॉच में मिले हैं।
परियोजना की सुरक्षा को देखते हुए जेलर प्रज्ञा तिवारी और अन्य बंदीरक्षकों की टीम ने इस तलाशी अभियान को अंजाम दिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बैरक के भीतर कैसे पहुंचे। इस मामले में जेल के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
