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उत्तराखण्ड

शहीदी दिवस शोभायात्रा के लिए दो बड़े वाहनों को परमिशन : उच्च न्यायालय

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कमल जगाती

नैनीताल- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के सौन्दर्यकरण और नैनीताल में हो रहे अवैध निर्माण कार्यो के खिलाफ दायर पी.आई.एल.में सुनवाई करी। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने शोभायात्रा के लिए दो बड़े वाहनों को परमिशन देते हुए कहा कि इससे आम जनता को कोई परेशानी न हो और ये शोभायात्रा दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही हों। न्यायालय ने एक बार फिर सरकार से पूछा है की 21 मई को गुरुअर्जुन देव के शहीदी दिवस के मौके पर नैनीताल की मॉल रोड में बड़े वाहन शामिल हो सकते हैं क्या ?
पर्यावरणविद प्रो.अजय रावत की जनहित याचिका में गुरु सिंह सभा नैनीताल के प्राथर्नापत्र में सुनवाई हुई। कहा गया कि सोभा यात्रा हर वर्ष नैनीताल की मालरोड में निकाली जाती है। शोभायात्रा में दो बड़े वाहन भी सामील होते हैं जिन्हें मामलरोड में चलाने की अनुमति हर साल उच्च न्यायलय से लेनी पड़ती है, क्योंकि उच्च न्यायलय ने इस जनहीत याचिका में निर्णय देते हुए कहा था कि मालरोड पर बड़े भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। न्यायालय ने बीते रोज राज्य सरकार से पूछा था कि एक दिन के लिए क्या बड़े वाहन चलाने से मालरोड को कोई खतरा तो नही होगा ? किसी विशेषयज्ञ से पूछकर रिपोर्ट पेश करें। आज न्यायालय, राज्य सरकार की तरफ से पेश रिपोर्ट से सन्तुष्ट नही हुई। खंडपीठ ने शोभायात्रा के लिए दो बड़े वाहनों को परमिशन देते हुए कहा कि इससे आम जनता को कोई परेशानी न हो।शोभायात्रा दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही हों। न्यायालय ने सरकार से फिर से कहा कि मामलरोड में भारी वाहनों के चलने से कितना नुकसान होगा इसपर एक्पर्ट की रिपोर्ट के साथ तीन सप्ताह में जवाब पेश करें।
मामले के अनुसार नैनीताल निवासी पर्यावरणविद प्रो.अजय रावत ने सन 2012 में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नैनीताल में अवैध निर्माण कार्य हो रहे हैं। सूखाताल लेक का सौन्दर्यकरण किया जाय। नैनीताल को इको सेंसटिव जोन घोषित किया जाय। पूर्व में न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिए थे कि नैनीताल के सभी नालों से अतिक्रमण हटाया जाए और सूखाताल झील का सौन्दर्यकरण किया जाय। मामलरोड में भारी वाहन नही चलाए जाएं।

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