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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में यूसीसी: शुल्क और जुर्माने में कटौती, सरलीकरण की तैयारी

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देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यूसीसी के प्रस्तावित नियमों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। लोगों को यूसीसी को आसानी से समझने और अपनाने में मदद करने के लिए नियमों को सरल बनाया जा रहा है। साथ ही, विवाह पंजीकरण, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में लगने वाले शुल्क और जुर्माने को भी कम किया जा रहा है।

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यूसीसी का मसौदा काफी लंबा और जटिल है। इसे आम लोगों की समझ के अनुरूप सरल भाषा में तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों की एक समिति इस पर काम कर रही है। वर्तमान में मसौदा हिंदी में 105 और अंग्रेजी में 120 पेज का है।
विवाह पंजीकरण के लिए वर्तमान में 500 रुपये शुल्क निर्धारित है, जिसे कम करके 200 या 100 रुपये किया जा सकता है। लेट फीस के तौर पर लगने वाले शुल्क को भी कम किया जा रहा है। तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण के लिए भी शुल्क में कटौती की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूसीसी को लागू किया जाए। इस दिशा में युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। उत्तराखंड आजादी के बाद यूसीसी को लागू करने वाला पहला राज्य होगा।

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